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सीएनजी-एलपीजी दोनों एक ही साथ झटका देने की तैयारी में
ABN Bureau
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04 Oct, 2022
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एबीएन बिजनेस डेस्क। प्राकृतिक गैस की कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि के बाद सीएनजी आठ से 12 रुपये प्रति किलो महंगी हो सकती है जबकि रसोई गैस के भाव में छह रुपये प्रति यूनिट का इजाफा किया जा सकता है। विश्लेषकों ने यह अनुमान जताया है। एक अक्टूबर से प्राकृतिक गैसों के रेट बढ़ गए हैं जिसके चलते सीएजी और पीएनजी के रेट में वृद्धि देखी जा सकती है। गैसों के दाम में 40 परसेंट तक की वृद्धि हुई है जिसके बाद सीएनजी और पीएनजी के दाम में बढ़ोतरी लाजिमी है। पूरी दुनिया में ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ा संकट देखा जा रहा है, खासकर यूरोप में। रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद गैसों की सप्लाई पर बेहद विपरीत प्रभाव देखा जा रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है।
भारत में गैसों की महंगाई के पीछे एक और वजह है। सरकार ने पिछले सप्ताह पुराने गैस क्षेत्रों से निकाली जाने वाली गैस के लिए भुगतान की दर को मौजूदा 6.1 डॉलर प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट से बढ़ाकर 8.57 डॉलर प्रति यूनिट कर दिया। वहीं, मुश्किल क्षेत्रों से निकाली जाने वाली गैस की कीमत 9.92 डॉलर से बढ़ाकर 12.6 डॉलर प्रति यूनिट कर दी गई है। इसी रेट के आधार पर देश में बनने वाली गैस के लगभग दो-तिहाई हिस्से की बिक्री होती है।
प्राकृतिक गैस फर्टिलाइजर बनाने के साथ बिजली पैदा करने के लिए एक प्रमुख कच्चा माल है। इसे सीएनजी में भी बदला जाता है और पाइप के जरिये इसे रसोई में खाना पकाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है। कोटक इंस्टिट्यूशनल इक्विटीज ने कहा कि पुराने गैस क्षेत्रों से उत्पादित गैस की कीमतें सिर्फ एक साल में लगभग पांच गुना बढ़ गई हैं। सितंबर, 2021 में इसकी कीमत 1.79 डॉलर प्रति एमएमबीटीयू से सितंबर 2021 में 8.57 डॉलर तक पहुंच गई थी।
एमएमबीटीयू गैस मूल्य में प्रत्येक डॉलर की वृद्धि पर सिटी गैस वितरण संस्थाओं को सीएनजी की कीमत 4.7 से 4.9 रुपये प्रति किलो बढ़ानी पड़ती है। आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज के अनुसार, कच्चे माल की ऊंची लागत के प्रभाव को पूरी तरह से दूर करने के लिए सीएनजी और पीएनजी की कीमतों में 6.2 रुपये प्रति मानक क्यूबिक मीटर और 9 से 12.5 रुपये प्रति किग्रा की वृद्धि करने की जरूरत होगी।
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