एबीएन सेंट्रल डेस्क। पाकिस्तान में आई खतरनाक बाढ़ ने सबकुछ तबाह कर दिया है। इस बाढ़ से महिलाओं और बच्चों की जिंदगी बेहाल हो गई है, तो स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी ने हालत दयनीय बना दी है। सीएनएन ने लिखा है कि पाकिस्तान की स्वास्थ्य संस्थाओं में से 10 प्रतिशत इस बाढ़ में तबाह हो गई हैं। ऐसे में 12 लाख के करीब गर्भवती महिलाओं की जिंदगी दांव पर है, जिसमें हजारों तो ऐसी हैं कि जिन्हें बाढ़ के चलते विस्थापित होना पड़ा है। इन्हीं महिलाओं में से एक शुमैला सोलंगी अपने बच्चे को अस्पताल से सिर्फ इसलिए घर लेकर आ गईं क्योंकि उनके पास अस्पताल का खर्च देने को पैसे नहीं थे। शुमैला और उनके 5 बच्चों के पास खाने को भी कुछ नहीं है। शुमैला के परिवार को सिर्फ भूख की ही चिंता नहीं है, बल्कि संक्रामक बीमारियों का भी डर है, जिनसे संक्रमित होने का खतरा काफी बढ़ गया है तो जहरीले सांप भी डर की एक बड़ी वजह हैं, जिन्हें शुमैला की तरह ही ऊंचे स्थानों की तलाश है, ताकि जिंदा रह सकें। शुमैला के पति दिहाड़ी मजदूर हैं और उनकी स्थिति काम करने लायक नहीं है। शुमैला का कहना है कि जिन लोगों के पास भी संसाधन थे, उन्होंने बाढ़ के बाद गांव छोड़ दिया। लेकिन शुमैला की तरह हजारों लोग कहीं जा नहीं सकते। शुमैला कहती हैं कि सब पैसे की बात है। हम असहाय लोग हैं। बीमार हैं। ये तीसरा महीना है, जिसमें मैं बुखार से पीड़ित हूं और गले का संक्रमण भी हैं। हमारे पास दवाई खरीदने के भी पैसे नहीं हैं हऌड की स्थानीय अधिकारी डॉ पालिथा गुनारत्ना महिपाला ने कहा कि बाढ़ का पानी अब पाकिस्तान के दक्षिणी हिस्से की ओर बढ़ गया है। ऐसे में इस बात की आशंका बढ़ गई है कि स्थिति और भी खराब हो सकता है। हऌड का अनुमान है कि पाकिस्तान में बाढ़ से अब तक 6 लाख 34 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। लेकिन ये आंकड़ा और भी बढ़ सकता है, क्योंकि कुछ इलाकों में अभी भी जा पाना संभव नहीं है। जलवायु परिवर्तन का पाकिस्तान पर बहुत ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। महीनों की रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के बाद भीषण बाढ़ ने पाकिस्तान की कमर तोड़ दी है।
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