टीम एबीएन, रांची। बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईटी) मेसरा लालपुर सेंटर के तत्वावधान में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला का आज दूसरे दिन समापन हो गया। ऑनलाइन माध्यम से शुरू हुई इस कार्यशाला में नए एवं पुराने उद्यमियों को सुसज्जित करने और उनके कौशल को और गतिशील व ऊर्जावान बनाने के लिए प्रेरित किया गया। इस कार्यशाला को सफल बनाने में बहुत से तकनीकी जानकारों ने भी भाग लिया। आज सत्र के प्रथम चरण में अपने-अपने उदबोधन में बोलते हुए डीन एल्यूमिनी और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मामलों के व्याख्याता बीआईटी के प्रोफेसर डॉ उत्पल बाउल ने प्रतिभागियों को बताया कि किसी भी उद्योग को प्रगतिशील बनाने में हम मेहनत के साथ अपने कौशल क्षमता को जितना विकसित कर सकते हैं, उसे करने पर खुद को हमेशा पहल करनी चाहिए।
कार्यशाला में अपने विचार रखने में क्रेजी क्वेश्चन की संचालक प्रगति कनोडिया और डॉ सुरेंद्र शर्मा ने भी अपने विचार रखे। सभी को कार्यशाला में आने और अपने विचारों को प्रतिभागियों को प्रेरित करने पर निदेशक बीआईटी लालपुर डॉ श्रीमती वंदना भट्टाचार्य ने इस कार्यशाला को सफल बनाने में उनके विशेष योगदान को सराहा और भविष्य में इस प्रकार की कार्यशाला आयोजित करने पर बल दिया।
अपने विचार रखते हुए डीन अनुसंधान नवाचार और उद्यमिता विभाग के श्री जगरनाथ ने कहा कि कौशल विकास में हमारा फोकस जितना रहेगा, हम अपने उद्योग को उतना ही गति प्रदान कर सकेंगे। हमें अपने कौशल को जितना हो सके बढ़ाने और अपनी क्षमता के अनुसार कभी कमी नहीं रखना चाहिए। उन्होंने नए और पुराने उद्यमियों साथ ही नए विद्यार्थियों को अपने नए उद्योग को विकसित और विकासशील बनाने में सहायक होने वाले अनेक गुर बताए और उस पर अमल करने की प्रेरणा दी।
इस कार्यशाला में आने वाले अपने सभी प्रतिभागियों, मुख्य वक्ताओं और संबंधित सभी शिक्षकों का विशेष आभार प्रकट करते हुए इस कार्यक्रम की संयोजिका डॉक्टर मिली दत्ता और सुश्री अनुपमा सहाय ने आभार व्यक्त करते हुए इस कार्यशाला को सफल बनाते हेतु सभी प्रिंट मीडिया इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकार बंधुओं को निदेशक वंदना भट्टाचार्य और बीआईटी परिवार की तरफ से आभार व्यक्त कर कार्यशाला को समाप्त करने की घोषणा की।