वर्ष 2019-20 में 580 सीटें थीं, वित्तीय वर्ष 2026-27 में बढ़कर 1,650 हुईं
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा—चिकित्सा शिक्षा का विस्तार सरकार की प्राथमिकता
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा पर दिया जोर
टीम एबीएन, रांची। झारखंड में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में पिछले सात वर्षों के दौरान उल्लेखनीय प्रगति हुई है। राज्य के सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की सीटों की संख्या वित्तीय वर्ष 2019-20 में 580 से बढ़कर वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1,650 हो गयी है। इस प्रकार उपलब्ध कराये गये आंकड़ों के अनुसार, सीटों की संख्या में लगभग तीन गुनी वृद्धि हुई है।
वित्तीय वर्ष 2019-20 में धनबाद स्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एमबीबीएस की 50 सीटें और जमशेदपुर स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 50 सीटें थीं। वहीं, दुमका स्थित फूलो झानो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, पलामू स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल तथा हजारीबाग स्थित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 100-100 सीटें थीं। रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में 180 सीटें उपलब्ध थीं।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, धनबाद में सीटों की संख्या बढ़कर 100 और एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, जमशेदपुर में 150 हो गयी। दुमका, पलामू और हजारीबाग के मेडिकल कॉलेजों में सीटों की संख्या 100-100 बनी रही। वहीं, रिम्स में एमबीबीएस सीटें 180 से बढ़कर 250 हो गयीं।
झारखंड में निजी मेडिकल कॉलेजों की शुरुआत और उनमें सीटों की वृद्धि से भी चिकित्सा शिक्षा के अवसर बढ़े हैं। वित्तीय वर्ष 2021-22 में मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर में 150 एमबीबीएस सीटों के साथ पढ़ाई शुरू हुई। वित्तीय वर्ष 2022-23 में पलामू स्थित लक्ष्मी चंद्रवंशी मेडिकल कॉलेज में 100 सीटें उपलब्ध हुईं। इसके बाद वित्तीय वर्ष 2025-26 में सरायकेला स्थित नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में 100 सीटों के साथ शुरुआत हुई।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज, जमशेदपुर की सीटें बढ़कर 250, लक्ष्मी चंद्रवंशी मेडिकल कॉलेज, पलामू की सीटें 150 तथा नेताजी सुभाष मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, सरायकेला की सीटें 200 हो गयीं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि झारखंड में चिकित्सा शिक्षा का विस्तार और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
राज्य में एमबीबीएस सीटों की संख्या में हुई वृद्धि इस दिशा में महत्वपूर्ण है। हमारा प्रयास है कि झारखंड के विद्यार्थियों को राज्य में ही चिकित्सा शिक्षा के अधिक अवसर मिलें और भविष्य में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़े। चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के साथ अस्पतालों में बेहतर सुविधाएं, आवश्यक संसाधन और गुणवत्तापूर्ण इलाज सुनिश्चित करना भी जरूरी है।
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि राज्य में मेडिकल कॉलेजों की एमबीबीएस सीटों में वृद्धि चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हमारा प्रयास है कि बढ़ती सीटों के अनुरूप शिक्षण व्यवस्था, अस्पतालों का आधारभूत ढांचा, चिकित्सकीय संसाधन और प्रशिक्षण की गुणवत्ता भी मजबूत हो।
चिकित्सा शिक्षा का उद्देश्य केवल डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि योग्य और कुशल चिकित्सक तैयार करना भी है, ताकि राज्य के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। वित्तीय वर्ष 2026-27 में सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों को मिलाकर एमबीबीएस सीटों की कुल संख्या 1,650 बतायी गयी है। सीटों में यह वृद्धि झारखंड में चिकित्सा शिक्षा के बढ़ते दायरे को दर्शाती है।