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1 नवंबर को 986 केंद्रों पर होगी झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा

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1 नवंबर को 986 केंद्रों पर होगी झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा
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  • झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा के सफल संचालन के लिए बड़ा फैसला
  • शिक्षकों का राज्य स्तरीय प्रशिक्षण स्थगित, वीक्षकों की कमी नहीं होगी
  • झारखंड में JTET-2026 परीक्षा 1 नवंबर को 986 केंद्रों पर होगी
  • 35-40 हजार सेवारत शिक्षक शामिल होंगे, परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए JCERT ने राज्य स्तरीय शिक्षक प्रशिक्षण स्थगित
  • वीक्षक ड्यूटी को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए
  • झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा
  • 1 नवंबर को 986 केंद्रों पर होगी टेट, 35 से 40 हजार सेवारत शिक्षक भी होंगे शामिल; जेसीईआरटी ने जारी किए दिशा-निर्देश

टीम एबीएन, रांची। झारखंड अधिविद्य परिषद् (जैक) द्वारा 1 नवंबर 2026 को आयोजित होने वाली झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET-2026) के सुचारू संचालन को लेकर स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। राज्यभर के 986 केंद्रों पर होने वाली इस वृहद परीक्षा में लगभग 35 से 40 हजार सेवारत सरकारी शिक्षक भी परीक्षार्थी के रूप में शामिल होंगे। 

इतनी बड़ी संख्या में शिक्षकों के खुद परीक्षा में बैठने के कारण वीक्षकों (इन्विजिलेटर) की संभावित कमी को देखते हुए झारखण्ड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद् (जेसीईआरटी) ने शिक्षकों के पेशेवर प्रशिक्षण कार्यक्रम में बड़ा फेरबदल किया है। जेसीईआरटी के निदेशक शशि रंजन (भा.प्र.से.) ने राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीईओ) को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए हैं, ताकि परीक्षा के आयोजन में किसी भी प्रकार की बाधा न आए। 

राज्य स्तरीय प्रशिक्षण स्थगित, वीक्षक बने शिक्षकों को भी राहत

जेसीईआरटी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, प्राथमिक विद्यालय (कक्षा 1 से 5) के शिक्षकों के लिए रांची स्थित एआरटीटीसी (बीएसएनएल) में 1 नवंबर से 5 नवंबर 2026 तक आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय सतत पेशेवर विकास (सीपीडी) प्रशिक्षण को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है. इस प्रशिक्षण की नई तिथियों की घोषणा बाद में की जाएगी। 

इसके अतिरिक्त, कक्षा 9 से 12 तक के माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए 29 अक्टूबर से 3 नवंबर 2026 तक जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (डायट) में चलने वाले सतत पेशेवर विकास प्रशिक्षण को लेकर भी स्पष्ट व्यवस्था की गई है। यदि इन शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति टेट परीक्षा में वीक्षक के रूप में की गई है, तो उन्हें उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम से पूरी तरह मुक्त रखा जाएगा, ताकि वे परीक्षा ड्यूटी को प्राथमिकता दे सकें। 

मास्टर ट्रेनर्स की ड्यूटी पर विशेष हिदायत

निदेशक ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वीक्षण कार्य के लिए शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति करते समय यह सुनिश्चित किया जाए कि सतत पेशेवर विकास प्रशिक्षण से जुड़े मास्टर ट्रेनर्स (मास्टर प्रशिक्षकों) को सामान्यतः वीक्षक न बनाया जाए। यदि अत्यंत आवश्यक हो, तो उनकी प्रतिनियुक्ति न्यूनतम स्तर पर ही की जाए, ताकि प्रशिक्षण और परीक्षा दोनों का संतुलन बना रहे। 

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