- पत्रकारिता विभाग ने जबरिया बंद कर दिया क्लास, छात्र निराश
- रांची विवि प्रबंधन को अंधेरे में रख विभाग कर रहा मनमानी
- स्तरहीन पढ़ाई से छात्रों में रोष क्लास में उपस्थिति नगण्य
- वीसी के नये होने से उन तक नहीं पहुंच रही सही सूचना
- मास कॉम विभाग में छात्रों ने कॉलेज आना छोड़ा, कक्षाएं स्थगित करनी पड़ी
- चैट जीपीटी और एआइ के सहारे पढ़ाने वाले अयोग्य शिक्षकों के कारण छात्रों ने कक्षाओं का किया था बहिष्कार
अजय/बासुकीनाथ
टीम एबीएन, रांची। स्कूल ऑफ मास कम्युनिकेशन रांची युनिवर्सिटी में डायरेक्टर बसंत कुमार झा के मनमाने और लापरवाह रवैये ने पढाई को ध्वस्त कर दिया। सत्र 2024-27 के छात्रों ने क्लास आना ही बंद कर दिया है। यहां डायरेक्टर ने अपने मित्रों और जान पहचान के ऐसे-ऐसे लोगों को गेस्ट लेक्चरर नियुक्त किया, जो कहीं से भी पढ़ाने योग्य नहीं थे
इनमें से कुछ पत्रकारिता कर रहे थे, लेकिन पत्रकारिता में भी इनकी कोई अच्छी साख नहीं थी और पढाने का काम इन्होंने कभी नहीं किया था। ये शिक्षक क्लास में स्मार्टफोन में चैट जीपीटी के साथ ही एआइ चलाकर और उससे देख कर छात्रों को पढाते हैं और उसे ही पढ कर नोट्स लिखवाते हैं। विवि के नियमों को ताक पर रखकर शिक्षकों का चयन किया गया है।
छात्रों ने दबी जुबान कहना प्रारंभ किया कि इस तरह एआइ से पढ़ना है तो हम भी घर में मोबाइल और इंटरनेट से पढ सकते हैं फिर यहां आने का क्या फायदा? आने जाने का भाड़ा भी लगाना जुर्माना ही है। रांची विवि की नयी वीसी को अभी इन समस्याओं की जानकारी नहीं होने का लाभ भी मॉस कॉम विभाग उठा रहा है। आज छात्रों की रूचि क्लास करने में समाप्त हो गयी है। विभाग का शैक्षणिक स्तर शर्मनाक स्तर तक गिर गया है।
विभाग के कई छात्रों ने नाम न छापने के आग्रह पर बताया कि जो छात्र विभाग में शैक्षणिक स्तर पर बेहतरी की बात करता है, उसे सेमस्टर परीक्षा में कम अंक देकर प्रताड़ित किया जाता है। अहम सवाल है कि जब रांची विवि का पत्रकारिता विभाग का स्तर ही गिर रहा है, छात्र क्लास करने नहीं आते और विभाग को भी पढ़ाने में रुचि नहीं है, तो छात्रों का भविष्य से खिलवाड़ क्यों?