टीम एबीएन, रांची। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग में आयुष मंत्रालय की परिकल्पना के अंतर्गत मेरा आयुर्वृक्ष अभियान चलाया गया। यह एक प्रगतिशील पर्यावरण-स्वास्थ्य पहल है, जिसका उद्देश्य भारत की पारंपरिक स्वास्थ्य एवं कल्याण की विरासत को पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के तात्कालिक लक्ष्यों के साथ जोड़ना है।
प्राचीन वृक्षायुर्वेद (पादप जीवन के विज्ञान) की अवधारणा पर आधारित यह अभियान देशभर में औषधीय जड़ी-बूटियों एवं वृक्षों के रोपण, संरक्षण, संवर्धन तथा वितरण पर केंद्रित है। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ तापस घोष ने विद्यार्थियों के साथ मिलकर विद्यालय परिसर में औषधीय पौधे लगाये। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि पूरे विश्व को भारत ने आयुर्वेद का उपहार दिया, जिसमें कई असाध्य रोगों का इलाज भी संभव है।
इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है। दवाइयां किसी भी बीमारी को जड़ से समाप्त कर देतीं हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि उन्हें अपने घर और आसपास भी ऐसे औषधीय पौधे लगाने चाहिए।