टीम एबीएन, रांची। बी आई टी मेसरा लालपुर के तत्वाधान में हिंदी पखवाड़ा के तहत आयोजित कार्यक्रम साइबर सुरक्षा के उभरते रुझान के तहत चौथे दिन के सत्र को बी आई टी की कंप्यूटर साइंस की वरिष्ठ प्रोफेसर वंदना भट्टाचार्य ने छात्रों को साइबर अपराध से बचने के लिए मशीन लर्निंग को समझने की आवश्यकता बतलायी। उन्होंने बताया कि साइबर सिक्योरिटी में मशीन लर्निंग का मतलब है कंप्यूटर को इतना समझदार बनाना कि वह खुद ही हैकिंग, वाइरस और फ्रॉड को पकड़ने में सक्षम हो।
पहले एंटी वाइरस सिर्फ लिस्ट देखकर अपना कार्य करता था, पर अब मशीन लर्निंग खुद ही कार्य करता है। आई डी एस आईपीएस पूरे नेटवर्क पर अपनी पैनी नजर रखता है। डॉ वंदना ने उन सभी बारीकियों से छात्रों को अवगत कराया जो साइबर अपराध से हम खुद और अपने सहयोगी को बचा सकते हैं।
आज के कार्यक्रम में शामिल कार्यक्रम संयोजक डॉ अमृता प्रियम, डॉ संदीप शाहदेव, डॉ महुवा बनर्जी, डॉ मानसी गुप्ता, राजेश शर्मा, नरेंद्र कुमार, राणा प्रताप, अनामिका कुमारी, डॉ उमेश प्रशाद, डॉ मयंक, शुभाशीष रॉय, बासुदेव सिंह, डॉ अभय रंजन, सहित सभी प्रतिभागी और छात्रों ने हिस्सा लिया।