- छात्रों के संघर्ष की जीत : आजसू एवं अभ्यर्थी छात्र आंदोलन के दबाव में जेपीएससी ने संयुक्त असैनिक सेवा मुख्य (लिखित) परीक्षा स्थगित की : ओम वर्मा
टीम एबीएन, रांची। अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा मुख्य (लिखित) प्रतियोगिता परीक्षा-2025 को स्थगित किए जाने के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि यह छात्र हित में आजसू द्वारा किए गए लगातार आंदोलन, संघर्ष और दबाव का परिणाम है। श्री ओम वर्मा ने कहा कि आजसू शुरू से ही परीक्षा संचालन में सामने आई अनियमितताओं और अव्यवस्थाओं को गंभीरता से उठाती रही है।
संगठन ने लगातार जेपीएससी अध्यक्ष एवं माननीय मुख्यमंत्री से परीक्षा रद्द करने तथा पूरे प्रकरण की सीबीआई से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। जिसका परिमाण है कि कल रात्रि में JPSC के अध्यक्ष का इस्तीफा एवं आज आयोग द्वारा परीक्षा स्थगित करने का निर्णय इस बात का प्रमाण है कि छात्रों की आशंकाएं निराधार नहीं थीं और उनकी आवाज़ को अंततः स्वीकार करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि आजसू का संघर्ष केवल परीक्षा स्थगित कराने तक सीमित नहीं है। संगठन की स्पष्ट मांग है कि जिन परिस्थितियों में यह स्थिति उत्पन्न हुई, उसकी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच हो, दोषी अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों पर कठोर कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने कहा कि जब तक परीक्षा पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और समान अवसर के सिद्धांतों के अनुरूप आयोजित नहीं होती तथा पूरे मामले की सीबीआई जांच की घोषणा नहीं की जाती, तब तक आजसू का लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने झारखंड के सभी छात्र-युवाओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके विश्वास, एकजुटता और संघर्ष की बदौलत यह महत्वपूर्ण सफलता मिली है। आजसू आगे भी हर छात्र के अधिकार, सम्मान और न्याय के लिए मजबूती से खड़ी रहेगी। उक्त जानकारी अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने दी।