प्रेस विज्ञप्ति
- JPSC प्रारंभिक परीक्षा (PT) परिणाम में पारदर्शिता सुनिश्चित करने एवं मेंस परीक्षा स्थगित करने की मांग
टीम एबीएन, रांची। अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) ने JPSC प्रारंभिक परीक्षा (PT) विज्ञापन संख्या 01/2026 के परिणाम को लेकर उत्पन्न अभ्यर्थियों की शंकाओं एवं व्यापक असंतोष को देखते हुए माननीय मुख्यमंत्री, झारखंड सरकार के नाम तथा झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के अध्यक्ष के नाम ज्ञापन सौंपा है।
प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा का कहना है कि परिणाम घोषित होने के बाद से अभ्यर्थियों द्वारा लगातार परिणाम की पारदर्शिता, वैधता, श्रेणीवार कट-ऑफ तथा चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में मात्र 16 दिनों के भीतर मेंस परीक्षा आयोजित करना अभ्यर्थियों के साथ न्यायोचित नहीं होगा। ज्ञापन के माध्यम से निम्न प्रमुख मांगें रखी गई हैं।
जब तक पीटी परिणाम से संबंधित सभी आपत्तियों एवं संदेहों का समाधान नहीं हो जाता, तब तक मेंस परीक्षा स्थगित की जाए।
पीटी परिणाम की समीक्षा कर आवश्यक संशोधन किए जाएं तथा सभी श्रेणियों (ST, SC, OBC-I, OBC-II एवं EWS) का अलग-अलग कट-ऑफ सार्वजनिक किया जाए।
अंतिम उत्तर कुंजी (Final Answer Key) एवं अभ्यर्थियों की उत्तर रैंकिंग/मेरिट सूची सार्वजनिक की जाए। परिणाम तैयार करने की पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा बाहरी एजेंसी की भूमिका और आयोग की जवाबदेही स्पष्ट की जाए। चयनित अभ्यर्थियों की संख्या, रिक्तियों के अनुपात तथा अतिरिक्त चयन के आधार पर आयोग विस्तृत स्पष्टीकरण जारी करे।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रही OMR शीट एवं परिणाम से जुड़ी शिकायतों की जांच कर आयोग आधिकारिक स्थिति स्पष्ट करे।
परिणाम में क्रमांक संबंधी विसंगतियों एवं अन्य तकनीकी त्रुटियों का सार्वजनिक रूप से निराकरण किया जाए। पीटी एवं मेंस परीक्षा के बीच अत्यंत कम समय निर्धारित किए जाने के संबंध में आयोग अपना SOP एवं निर्णय का आधार सार्वजनिक करे।
अखिल झारखंड छात्र संघ के प्रदेश सचिव सक्षम झा ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए चयन प्रक्रिया का पूर्णतः निष्पक्ष एवं पारदर्शी होना आवश्यक है। संगठन ने राज्य सरकार एवं झारखंड लोक सेवा आयोग से अभ्यर्थियों की भावनाओं का सम्मान करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने की मांग की है।
प्रदेश सचिव राजेश सिंह ने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता सुनिश्चित होने तक मेंस परीक्षा आयोजित नहीं की जानी चाहिए, ताकि योग्य अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा हो सके और आयोग की निष्पक्षता पर जनता का विश्वास बना रहे। उक्त जानकारी अखिल झारखंड छात्र संघ (आजसू) के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने दी।