एबीएन कैरियर डेस्क। स्वदेशी तकनीकी प्रगति की भावना को मनाने के लिए, इंस्टीट्यूशंस इनोवेशन काउंसिल, बीआईटी मेसरा ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस 26 समारोह का सफलतापूर्वक आयोजन किया। कार्यक्रम की शुरुआत कैट हॉल में पारंपरिक दीप प्रज्ज्वलन और संस्थान की प्रार्थना के साथ हुई। आईआईसी बीआईटी मेसरा के सह-संयोजक डॉ. दिलीप कुमार सिंह ने स्वागत भाषण दिया, जिसके बाद डीन आरआईई और आईआईसी के अध्यक्ष प्रो. राजू पोद्दार तथा पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज के डीन प्रो. संदीप सिंह सोलंकी ने अपने विचार प्रस्तुत किये।
मुख्य अतिथि, डीआरडीई के पूर्व निदेशक डॉ. एम. पी. कौशिक ने रक्षा और कृषि क्षेत्र में भारत के तकनीकी मील के पत्थरों पर विचार करते हुए एक प्रभावशाली भाषण दिया। उन्होंने पहले पोखरण परमाणु परीक्षण की सफलता को याद किया, जिसने भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता की नींव रखी थी।
साथ ही, उन्होंने तेजस लड़ाकू विमान और अग्नि मिसाइल श्रृंखला जैसी आधुनिक स्वदेशी उपलब्धियों की सराहना की और भारत के भविष्य के विकास को लेकर अत्यधिक आशावाद व्यक्त किया। कुलपति प्रो. इंद्रनील मन्ना ने भारत की परमाणु, स्पेस और डिफेंस क्षमताओं के ऐतिहासिक विकास पर प्रकाश डाला और बीआईटी मेसरा तथा उसके बाहर निरंतर नवाचार (इनोवेशन) की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।
उद्घाटन के बाद, इंटर-स्कूल मॉडल प्रदर्शनी के लिए मुख्य आकर्षण आर एंड डी बिल्डिंग की ओर स्थानांतरित हो गया, जहां प्रमुख क्षेत्रीय स्कूलों के छात्रों ने समकालीन चुनौतियों के लिए अभूतपूर्व समाधान प्रस्तुत किए। आचार्यकुलम रांची नामकुम ने मोशन टू पावर, क्लाइमेट रेजिलिएंट क्लीन सिटी और नेक्स्ट-जेन आॅर्गन ट्रांसपोर्टेशन बॉक्स पर मॉडल प्रदर्शित किये।
डीएवी गांधी नगर ने विभिन्न परियोजनाओं को प्रस्तुत किया जिनमें स्मार्ट क्लासरूम एनर्जी सेवर, वायु गुणवत्ता सुधारने वाला मोदी, कोयला खदानों और घरों के लिए एंटी-थेफ्ट (चोरी-रोधी) सिस्टम, और क्लासरूम एनालिसिस एंड विजन इंजन शामिल थे। डीपीएस रांची ने स्मार्ट खेती के लिए एग्रीबॉट और शहरी नेविगेशन के लिए एक आॅटोनॉमस रोबोट अरुण का प्रदर्शन किया। सुरेंद्रनाथ सेंटेनरी स्कूल ने फैंटम गार्ड, एस्ट्रोफॉर्म और प्लाज्मा जेन एक्स 100 का प्रदर्शन किया। एस्कॉट इंटरनेशनल स्कूल ने एक स्मार्ट आॅटोनॉमस फायर फाइटर रोबोट, फ्यूचर फ्लो सिस्टम और एक इको-फ्रेंडली थर्मल हाउस का प्रदर्शन किया।
इसके अलावा, होली कॉन्वेंट पब्लिक स्कूल ने एक स्मार्ट हेलमेट, दृष्टिबाधितों के लिए स्मार्ट ग्लास और एक जलविद्युत (हाइड्रो इलेक्ट्रि सिटी) मॉडल प्रस्तुत किया, मनन विद्या ने अंडरवॉटर सर्विलांस ड्रोन और अकॉस्टिक वाटर ट्रीटमेंट का प्रदर्शन किया, और डीएवी हेहल ने एसडीडीआई स्मार्ट ड्रॉट डिटेक्शन मॉडल, एक स्मार्ट किचन और पॉल्यूशन फिल्टर, एक एडवांस्ड पीजो काइनेटिक स्मार्ट मैट, और एक स्मार्ट एग्जामिनेशन मॉनिटरिंग सिस्टम प्रदर्शित किया।
प्रतियोगिता का मूल्यांकन सोमक दत्ता, डॉ. विशाल एच. शाह, डॉ. विनय कुमार, मृणाल पाठक, डॉ. सतीश कुमार, डॉ. नरेश कुमार यादव और डॉ. चंचल कुमार मिश्र सहित जजों के एक सम्मानित पैनल द्वारा बहुत ही बारीकी से किया गया। इस शानदार आयोजन के सुचारू संचालन का श्रेय समर्पित इवेंट कोआॅर्डिनेटर्स : आनंद कुमार सिन्हा, डॉ. अनिंदिता बेरा और डॉ. दिलीप कुमार सिंह को दिया गया।
शीर्ष विजेताओं को पुरस्कार और सम्मान प्रदान किये गये: एस्ट्रोफॉर्म मॉडल के लिए सुरेंद्रनाथ सेंटेनरी स्कूल ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, डीएवी गांधी नगर ने अपने एआई-पावर्ड केव मॉडल के लिए द्वितीय स्थान प्राप्त किया, और मनन विद्या को उनके अंडरवाटर सर्विलांस मॉडल के लिए तृतीय स्थान से सम्मानित किया गया। इन पुरस्कारों ने क्षेत्र के सबसे होनहार युवा दिमागों की रचनात्मकता और कड़ी मेहनत का जश्न मनाया। कार्यक्रम का समापन आईआईसी की सह-संयोजक डॉ. अनिंदिता बेरा के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।