टीम एबीएन, रांची। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग में 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। मुख्य अतिथि पूर्व डायरेक्टर जेनरल आॅफ पुलिस, झारखंड आरके मल्लिक ने प्राचार्य डॉ तापस घोष के साथ झंडोत्तोलन करके तिरंगे को सलामी दी। मौके पर विद्यालय के एनसीसी, गाइड एंड स्काउट, दयानंद, हंसराज, विवेकानंद तथा श्रद्धानंद हाउस के विद्यार्थियों ने शानदार परेड का प्रदर्शन किया।
विद्यालय के प्राथमिक कक्षा के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत मोहक नृत्य प्रस्तुत देश के लिए मर- मिटने का संदेश दिया। वहीं कक्षा षष्ठ-सप्तम की छात्राओं ने वंदे मातरम नृत्य के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक विरासत का परिचय दिया। विद्यालय की संगीत मंडली ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया। एकादश कक्षा की एशली तथा आदित्य राज ने अपने भाषण से सभा में जोश भर दिये।
कक्षा तृतीय से एकादश तक के विद्यार्थियों ने आपरेशन सिंदूर शीर्षक शानदार नृत्य नाटिका प्रस्तुत करके सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कक्षा षष्ठ से नवम तक के छात्रों द्वारा बनाये गये आकर्षक पिरामिड थे। सभी ने इनकी खूब सराहना की। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम की सराहना की।
अपने संदेश में उन्होंने कहा कि भारत भले ही सन 1950 में गणतंत्र घोषित किया गया, पर गणतंत्र की संकल्पना भारत में सदियों पुरानी है। हम सबको अपने मौलिक अधिकारों के साथ- साथ अपने मौलिक कर्तव्यों के प्रति भी सचेत रहना चाहिए इसी में गणतंत्र की सार्थकता है।
प्राचार्य ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारा देश दुनिया का सबसे बड़ा गणतंत्र है और इसे उन्नति के पथ पर अग्रसर करने की जिम्मेदारी हमारी युवा पीढ़ी की है। इसकी एकता और अखंडता को अक्षुण्ण बनाये रखना हम सबका पुनीत कर्तव्य है।
उन्होंने देश के अमर शहीदों से प्रेरणा लेकर देश को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए विद्यार्थियों का आह्वान किया। शांतिपाठ के साथ कार्यक्रम समाप्त हुआ। उक्त कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अभिभावक, छात्र, छात्राएं, शिक्षक तथा शिक्षिकाएं उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाया।