एबीएन कैरियर डेस्क। एसआर डीएवी पब्लिक स्कूल, पुंदाग के विद्यार्थियों को दो प्रतिष्ठित रूसी कलाकारों, पीटर और ओल्गा की कृपा से एक सांस्कृतिक रूप से समृद्ध और प्रेरणादायक कार्यक्रम का साक्षी बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जिन्होंने भारतीय संस्कृति, मूल्यों और आध्यात्मिकता के प्रति गहरी छाप छोड़ी।
भारत की सांस्कृतिक भावना के प्रति अपनी श्रद्धा के हार्दिक अभिव्यक्ति के रूप में उन्होंने भारतीय नाम पुरुषोत्तम और अर्पिता अपना लिया है, यह मानते हुए कि नाम का अर्थ होता है और यह व्यक्ति के जीवन यात्रा को प्रतिबिंबित करता है।
रूसी प्रतिनिधियों ने अनेक भाषाओं में अपनी आत्मीय संगीतमय प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जो वैश्विक सद्भाव और विविधता में एकता के संदेश को सुंदर ढंग से व्यक्त करती थीं। उनकी प्रस्तुति ने यह उजागर किया कि संगीत भौगोलिक सीमाओं को पार करता है और संस्कृतियों को करीब लाता है।
कार्यक्रम का संचालन अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकार तथा बीआईटी मेसरा के प्रोफेसर मृणाल कुमार पाठक के मार्गदर्शन में हुआ, जिनके सहयोग ने इस आयोजन को गरिमा और गहराई प्रदान की।
प्राचार्य डॉ. तापस घोष ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आदान-प्रदान राष्ट्रों के बीच पारस्परिक सम्मान और समझ को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने जोर दिया कि वैश्विक कलाकारों द्वारा भारतीय परंपराओं को अपनाने को देखना छात्रों को सांस्कृतिक सद्भाव को महत्व देने और व्यापक विश्व दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित करता है। समारोह में विद्यार्थियों के साथ उनके शिक्षक-शिक्षिकाओं ने उपस्थित होकर कार्यक्रम को सफल बनाया।