टीम एबीएन, रांची। आज का युवा अपने जन्मदिन को मनाने में सिर्फ अपने खुशियों को अहमियत नहीं देते बल्कि दूसरों को भी खुशियां बांटने में अपना पूरा सहयोग करते हैं। इसकी एक मिशाल सुभिक्षा ने भी की है, अपने 18वें जन्मदिवस पर रामप्यारी हस्पताल में भर्ती एक जरूरतमंद मरीज को रक्तदान करके पेश की।
सुभिक्षा ने सिर्फ रक्तदान ही नहीं किया बल्कि सभी युवाओं को एक प्रेरणा भी दी है कि सभी स्वस्थ युवा जो भी 18 वर्ष के हो चुके हैं, उन्हें रक्तदान करना चाहिए। आपका रक्तदान सिर्फ किसी की जीवन रक्षा ही नहीं करता बल्कि एक पूरे परिवार की खुशियों को बरकरार रखता है।
रक्तदान अपने लिए भी उतना ही फायदेमंद होता है, की भी स्वस्थ मनुष्य प्रत्येक 90 दिनों के बाद यदि चाहें तो रक्तदान कर सकते हैं। सुभिक्षा के पिता भी अब तक 54 बार रक्तदान कर चुके है और उन्हीं से प्रेरणा पाकर इन्होंने भी अपने 18 वर्ष की सीमा को पार कर रक्तदान जैसा पुनीत कार्य किया।
सुभिक्षा ने 92% मार्क्स के साथ अभी 12 वीं भी सीबीएसई की परीक्षा में प्राप्त किया है ये डीएवी कपिलदेव कडरू की छात्रा रही है। भविष्य में मेडिकल के इंट्रेंस की तैयारी भी कर रही हैं, ये भविष्य में साइंटिस्ट बन के रिसर्च के क्षेत्र में जाना चाहती हैं। इनके पिता भी समय समय पर जरूरतमंदों को रक्तदान करते रहे हैं।
इन्होंने रक्तदान के लेकर अपने 20 से अधिक मित्रों की सहायता से एक यूनिवर्सल डोनर नाम के एक रक्तदाता समूह का भी निर्माण किया है जिसके प्रतीक सदस्य समय समय पर जरूरतमंदों को रक्तदान करती है और लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित भी करती है। इस ग्रुप का हर सदस्य कम से कम 15 से 20 बार रक्तदान कर चुका है।