भाग दौड़ के जीवन में मानव को प्रसन्न रहना एक चुनौती है : डॉ बिरेन्द्र साहु
टीम एबीएन, रांची। लाइफ केयर हॉस्पिटल, रांची और खुशी क्लास के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को होचर, कांके स्थित नेताजी एकेडमी हाई स्कूल के बच्चों व मनसुख एडुकेशन में मेडिकल फर्स्ट एड का ट्रेनी के बीच खुशी क्लास का आयोजन हुआ। अध्यक्षता व संचालन प्रधानाचार्य डॉ वीरेंद्र साहू ने किया।
खुशी क्लास के संस्थापक मुकेश सिंह चौहान ने कहा कि तनाव, डिप्रेशन अपने जीवन में आस-पास भी फटकने नहीं देनी है। सकारात्मकता से खुशी जगती है और यही खुशी मंजिल तक ले जाती है। उन्होंने कहा सैकड़ो बार असफल होने के बावजूद थॉमस एडिसन ने बल्ब का आविष्कार किया था, महाभारत के स्वयंवर में अर्जुन को न हीं कोई तालाब दिखा न हीं मछली, अर्जुन को सिर्फ मछली का आंख ही दिखता रहा और लक्ष्य भेदन किया।
यह उनके सकारात्मक विचार के कारण ही संभव हुआ। उन्होंने कहा हर विजेता बोलते हैं कि मुझे कुछ करना चाहिए, जबकि हारने वाले बोलते हैं कि कुछ होना चाहिए। बड़ा सोचो, जल्दी सोचो, आगे की सोचो क्योंकि विचारों पर किसी का एकाधिकार नहीं है। कोई भी मानव जन्म से कमजोर नहीं होता, सिर्फ उसकी सोच ही उसे कमजोर बनाता है।
प्रधानाचार्य डॉ वीरेंद्र साहू ने अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि पूरे झारखंड में चलाया जा रहा यह अभियान हृदय को छू जाता है। 16 जिलों में 493 स्कूल-कॉलेजों में आयोजन के बाद 494 क्लास के रूप में खुशी क्लास का हमारे स्कूल में लगना गौरव की बात है। उन्होंने कहा भाग दौड़ के जीवन में मानव को आज प्रसन्न रहना एक चुनौती है। अपितु जीवन गीली मिट्टी के समान होता है, जिसे सांचे में ढालना पड़ता है, तब जीवन का उद्देश्य एवं परिणाम लक्षित होता है।
कार्यक्रम में संदीप शाह, सुजीत उपाध्याय, शिव प्रसाद साहू, सुनीता कच्छप, अनु देवी, कुसुम टोप्पो, मनीष साहू, मनसुख एडुकेशन के प्रमुख मनोज झा, मंजीत झा, देव कुमार, राहुल कुमार, सिपिन कुमार, आकांक्षा कुमारी सहित दर्जनों विद्यार्थी उपस्थित थे। उक्त जानकारी प्राचार्य डॉ बिरेन्द्र साहु ने दी।