किसी भी सवाल का जबाव न जानना कोई शर्म की बात नहीं, जितना गलत जबाव देना : मुरलीधर
टीम एबीएन, रांची। किसी भी सवाल का जबाव न जानना कोई शर्म की बात नहीं है जितना गलत जबाव देना गलत है। निरंजन को यह बात पूरी तरह से मालूम है कि डिटरमिनेशन आज की तारीख में सफलता के लिए सबसे आवश्यक है। फ्रेंड्स कॉलोनी पंडरा के बीडी पब्लिक स्कूल में एक मोटिवेशनल कार्यक्रम आयोजित किया गया। शनिवार को आयोजित इस कार्यक्रम में मोटिवेशनल स्पीकर सह पत्रकार सह एबीएन के प्रधान संपादक एनके मुरलीधर ने छात्रों से जीवन जीने का आधार और मानवीय गुणों के महत्व विषय पर संवाद स्थापित किया।
इस अवसर पर उन्होंंने बताया कि हम लगातार बेहतर होने का प्रयास करें जिसमें हमारे वाणी बुद्धि और व्यवहार को लेकर हम सचेत रहें। अगर हमारी बुद्धि प्रखर होगी और उसे और प्रखर बनाने के लिये हम प्रयास करेंगे तो स्वत: वाणी और व्यवहार में एक बड़ा सुधार होगा। शैक्षणिक ज्ञान और मानवीय व्यवहार के अंतर को अधिक महत्व देकर समझना ही स्कूल आने का उदेश्य है।
पढ़ाई लिखाई हमारेी गुणवत्ता बढ़ाने का एक मात्र टूल्स है। उन्होंने न्यूटन का उदाहरण देते हुए समझाया कि किस प्रकार जिज्ञासा एक बड़ें अविष्कार को जन्म दे सकता है। जिज्ञासा के लिए आपकी शिक्षा और बुद्धिमानी का सामंजस्य आवश्यक होता है। श्री मुरलीधर ने बच्चों को किसी भी विषय वस्तु को समझने के लिए उदार होना अपने मित्रों से उसी विषय पर संवाद करने की प्रेरणा भी दी।
इस अवसर स्कूल के डायरेक्टर आलोक कुमार पाण्डे ने श्री मुरलीधर को सम्मानित किया। उन्होेंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम से छात्रों को एक नयी दिशा मिलती है प्रेरणा और एनर्जी मिलती है।