Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
लाइव: 11
होम ई-पेपर देश झारखंड खेल समाचार राज काज कानून व्यवस्था करियर बिजनेस वर्ल्ड हेल्थ विचार ज्ञान विज्ञान समाज वन और पर्यावरण मनोरंजन बिहार विज्ञापन
करियर

नागपुरी के एसोसिएट प्रोफेसर और नागपुरी के मूर्धन्य साहित्यकार डॉ राम प्रसाद का निधन

शेयर करें: WhatsApp Facebook X Back to ePaper
नागपुरी के एसोसिएट प्रोफेसर और नागपुरी के मूर्धन्य साहित्यकार डॉ राम प्रसाद का निधन
विज्ञापन

टीम एबीएन, रांची। नागपुरी के एसोसिएट प्रोफेसर और नागपुरी के मूर्धन्य साहित्यकार डॉ राम प्रसाद अब इस दुनिया में नहीं रहे। राँची के हरमू हाउसिंग कॉलोनी  वसंत विहार में अवस्थित अपने आवास पर शनिवार सुबह 8:20 में अंतिम सांस ली। डॉ राम प्रसाद विगत एक वर्ष से अस्वस्थ चल रहे थे। निधन से दो दिन पूर्व ही उन्हें अस्पताल से घर लाया गया था। शनिवार को ही दोपहर 3:30 बजे हरमू मुक्तिधाम में उनका अंतिम संस्कार किया गया। 

अपने पीछे उन्होंने दो बेटियां स्वाति श्रेया एवं पूर्वा प्रसाद तथा एक बेटे श्वेताभ शैल को छोड़ गये। अंतिम संस्कार में उनके बेटे श्वेताभ शैल, नागपुरी की सहायक प्राध्यापक डॉ कोरनेलियुस मिंज, डॉ इंद्रजीत राम, डॉ सुखदेव साहू, उनके बड़े भाई राम चंद्र साहू, भतीजा जगदीश प्रसाद, मनोज प्रसाद, नागपुरी शोधार्थी पप्पू कुमार महतो, संजय कुमार साहू, संतोष कुमार साहू जलेश महतो सहित अन्य शामिल हुए। 

डॉ राम प्रसाद  का जन्म 20 जुलाई 1953 ई. को सिमडेगा जिले के केरसई पोस्ट के रुसु गांव में हुआ था।  इन्होंने हिंदी विषय में एमए, एलएलबी और पीएचडी किया था। नागपुरी के पहले डी लिट धारी थे। डॉ रामप्रसाद 1980 से गोस्सनर कॉलेज रांची में नागपुरी अध्यापन कार्य प्रारंभ किया था। 2011 से गोस्सनर कॉलेज में संचालित इग्नू केंद्र में हिंदी में स्नात्तकोत्तर स्तर के विद्यार्थियों को पढ़ाते थे।  

डॉ राम प्रसाद बेहद मिलनसार और मृदु स्वभाव के थे। नागपुरी भाषा भूषण श्रधरती और साहित्यकारों के मार्गदर्शक भी थे। वे दूसरों की मदद करने और ज्ञान बांटने के लिए तत्पर रहते थे। उनका डी.लिट का शोध कार्य नागपुरी साहित्य के लिए मील का पत्थर साबित हुआ है। स्वातंत्रयोत्तर नागपुरी साहित्य एवं शास्त्रीय अध्ययन पुस्तक में नागपुरी साहित्य के सभी विधाओं का समावेश है । 

यह पुस्तक नागपुरी शिक्षकों,  शोधार्थियों, पाठकों और नागपुरी विद्यार्थियों के लिए बहुत ही उपयोगी है। शोधार्थियों को इस पुस्तक की मदद लेने ही पड़ती है। इनकी  नागपुरी साहित्य जगत में एक अलग पहचान थी। इनकी नागपुरी पुस्तकों में नागपुरी लोक कथा संग्रह, नागपुरी कोरी भइर पझरा (सह संपादक), नागपुरी गइद तइरगन (सह संपादक),  तकदीर  और ततवीर लोक कथा संग्रह, खुखुड़ी रुगड़ा (सह संपादक), नागपुरी कहनी संकलन फिरू प्रकाशित है।

विज्ञापन