- जेईई एडवांस्ड 2024 में शानदार प्रदर्शन, परिवार का समर्पण और सपनों को पूरा करते हुए सफलता की ओर अग्रसर अभिज्ञान
टीम एबीएन, कोडरमा। रविवार को घोषित हुए जेईई एडवांस्ड 2024 के परिणाम में शहर के तिलैया थाना के पीछे भादोडीह निवासी अभिज्ञान सिन्हा ने 260 अंक प्राप्त कर ऑल इंडिया जनरल कैटेगरी में 466 वां स्थान प्राप्त किया है। यह शहर के लिए गर्व का विषय है।
अभिज्ञान ने अपनी इस सफलता से यह साबित कर दिया कि समर्पण और मेहनत से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। उनके माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों के सहयोग और मार्गदर्शन ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। अभिज्ञान की यह सफलता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।
- शिक्षा की राह में अद्वितीय प्रदर्शन
अभिज्ञान ने जेईई मेंस के प्रथम चरण में 99.85 परसेंटाइल और सेशन-2 में 99.937 परसेंटाइल हासिल किए थे। उन्होंने 2022 में पीवीएस डीएवी पब्लिक स्कूल से मैट्रिक की परीक्षा में 99 प्रतिशत अंक प्राप्त किये थे, जबकि 12वीं कक्षा में 96.8 प्रतिशत अंक प्राप्त किये।
- परिवार का समर्पण
अभिज्ञान के पिता सुनील कुमार सिन्हा सीडी गर्ल्स हाई स्कूल में अंग्रेजी के शिक्षक हैं। उनकी मां स्मिता सिन्हा भी शहर के एक निजी विद्यालय में शिक्षिका थीं, लेकिन अपने बेटे की बेहतर शिक्षा के लिए उन्होंने नौकरी छोड़ दी। वे बोकारो के कोऑपरेटिव कॉलोनी में किराए के मकान में रहकर अपने बेटे की पढ़ाई का विशेष ख्याल रखती हैं। अभिज्ञान ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, दादा-दादी, परिवार के अन्य सदस्यों और शिक्षकों को दिया।
- सुनील : बेटा देश के लिए कुछ ऐसा करे जिससे पूरे देश को उस पर गर्व हो
सुनील कुमार सिन्हा ने बताया, अभिज्ञान शुरू से ही पढ़ाई में उत्कृष्ट था। जब वह एलकेजी में था, तब से ही वह कुछ अलग करने की सोचता था। यूकेजी में गणतंत्र दिवस पर भाषण देने के लिए उसने महज कुछ घंटों की तैयारी में ही एक प्रभावी भाषण दे दिया। तभी हमें आभास हो गया था कि अभिज्ञान में कुछ करने का जुनून है।उन्होंने कहा कि उनका बेटा देश में पढ़े और देश के लिए कुछ ऐसा करें कि पूरे देशवासियों को उनके पुत्र पर गर्व हो।
- शैक्षणिक उपलब्धियां
अभिज्ञान ने कक्षा आठवीं में 99 प्रतिशत अंक लाकर जोन टॉपर बने थे और दसवीं में रिन्यूबल पावर प्लांट का मॉडल बनाने के लिए इंस्पायर अवार्ड से सम्मानित हुए थे, जिसमें 10 हजार रुपये का नगद पुरस्कार भी शामिल था। एस्टॉनोमी ओलंपियाड में उन्होंने राज्य स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त किया। वर्ष 2023 में होमी भाभा इंस्टीट्यूट ऑफ रिसर्च में केमिस्ट्री और एस्ट्रोनॉमी में टॉप वन परसेंट में शामिल होने का गौरव प्राप्त हुआ।
- स्कालरशिप और आर्थिक सहूलियत
फिटजी में आयोजित स्कॉलरशिप परीक्षा में अभिज्ञान ने 450 में से 442 अंक प्राप्त किये, जिससे उनकी सारी फीस माफ हो गई और उन्हें 1.2 लाख रुपये का नगद पुरस्कार भी मिला। उनके पिता ने बताया- हमारे बेटे ने हमारे सपनों को पूरा किया है और हमें उस पर गर्व है। हमें उम्मीद है कि वह देश के लिए कुछ ऐसा करेगा जिससे पूरे देशवासी उस पर गर्व कर सकें।
- अभिज्ञान सिन्हा : कठिनाइयों को पार कर सफलता की ओर अग्रसर, प्रेरणा, समर्पण और सही मार्गदर्शन से मिली सफलता
अभिज्ञान बताते हैं कि मैंने कक्षा एक से ही ओलंपियाड की परीक्षाएं देनी शुरू की थीं। शुरुआत में कक्षा एक और दो में उतनी सफलता नहीं मिली, लेकिन सही तैयारी के बाद, कक्षा तीन से दसवीं तक मुझे गोल्ड मेडल मिले। जब मैं जेईई की तैयारी के लिए बोकारो गया, तो पहले छह महीने कठिन थे। कई प्रश्न हल नहीं हो पाते थे, जिससे मैं कभी-कभी डिमोटिवेट हो जाता था। लेकिन मेरे माता-पिता और दादा-दादी ने मुझे हमेशा प्रेरित किया।
अभिज्ञान ने कहा कि वे सोशल नेटवर्किंग साइट्स से दूर रहते थे और सिर्फ एजुकेशनल कंटेंट के लिए यूट्यूब का इस्तेमाल करते थे। उन्होंने आठवीं कक्षा में ही ठान लिया था कि उन्हें जेईई की तैयारी करनी है और टॉप आईआईटी कॉलेज में प्रवेश लेना है। उन्होंने तैयारी कर रहे बच्चों को सलाह दी कि वे सीमित किताबें खरीदें ताकि वे अपने लक्ष्य को आसानी से प्राप्त कर सकें।
अभिज्ञान के अनुसार, इस परिणाम का पूर्ण श्रेय उनके माता-पिता, दादा-दादी और शिक्षकों को जाता है। उनकी इस सफलता से झुमरी तिलैया का नाम रोशन हुआ है और पूरे शहर में गर्व का माहौल है।