टीम एबीएन, रांची। बाजार अंतर्दृष्टि के लिए डेटा विश्लेषण (डीएएमआइ 2024) पर पांच दिवसीय कार्यशाला का उद्घाटन 15/3/24 को किया गया। कार्यशाला डेटा विश्लेषण और निर्णय लेने में इसकी व्यावहारिक उपयोगिता के बीच संबंध स्थापित करने की कोशिश पर केंद्रित है।
कार्यशाला समन्वयक डॉ सोमनाथ मुखर्जी ने कार्यशाला में सभी का परिचय देते हुए इस बात पर जोर दिया कि कार्यशाला डेटा और उसके प्रबंधकीय निहितार्थों के बीच संबंध स्थापित करके योगदान देने का प्रयास करेगी। कार्यशाला समन्वयक ने कहा कि कार्यशाला की योजना तीन चरणों में बनायी गयी है :
- चरण 1 - अनुसंधान दृष्टिकोण विकास
- ऋषि 2- डेटा विश्लेषण
- चरण 3- निर्णय लेने के लिए डेटा की सार्थक व्याख्या।
इस अवसर पर बीआईटी मेसरा के फैकल्टी अफेयर्स (डीओएफए) के डीन उपस्थित थे और उन्होंने अपने मुख्य भाषण में बहु-विषयक अनुसंधान के महत्व पर जोर दिया।
बीआईटी मेसरा (लालपुर) की चेयरपर्सन और निदेशक डॉ वंदना भट्टाचार्जी ने डेटा साइंस के सबसे आशाजनक क्षेत्र के रूप में उभरने और छात्रों को रोजगारपरक बनाने में इस जानकारी की विशाल क्षमता पर जोर दिया।
कार्यशाला सत्रों को बीआईटी मेसरा परिसर और लालपुर के आंतरिक संकाय सदस्यों के साथ-साथ आईआईएम, सीयूजे, एक्सआईएसएस, भारती विद्यापीठ (मुंबई) आदि जैसे प्रमुख संस्थानों के संसाधन व्यक्तियों द्वारा नियंत्रित किया जायेगा। प्रतिभागी इस तरह के पाठ्यक्रम में भाग लेने में सक्षम होने से काफी खुश थे।