टीम एबीएन, रांची। गोस्सनर कॉलेज में बुधवार को अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस मनाया गया। इस अवसर पर संस्कृत विभाग की विभाग अध्यक्ष डॉ ज्योति टोप्पो ने कहा कि यह हमारी संस्कृति और पहचान से जुड़ा है।
मानव शास्त्र विभाग की डॉ मीना तिर्की ने कहा कि आज आदिवासी भाषाओं पर संकट मंडरा रहा है। इन भाषाओं को बचाने के लिए अपने घरों से ही पहल करने की आवश्यकता है। गोस्सनर कॉलेज के शिक्षक प्रतिनिधि अमरदीप टोपनो ने कहा कि आदिवासियों की भाषाओं को बचाने के लिए सरकारी स्तर पर और कारगर कदम उठाने की आवश्यकता है।
डॉ योताम कल्लू ने कहा कि सिर्फ एक दिन भाषा संरक्षण को लेकर चिंतन करने से नहीं होगा बल्कि दैनिक जीवन में इसका निरंतर प्रयोग होना चाहिए। प्रो हेमंत कुमार टोप्पो ने झारखंड की भाषिक संपदा पर प्रकाश डाला। नागपुरी विभाग के डॉ कोरनेलियुस मिंज ने इस कार्यक्रम का संचालन किया।
कार्यक्रम में प्रोफेसर वर्षा शालिनी कुल्लू, प्रोफेसर फ्रांसिस मुर्मू, प्रोफेसर मीना सुरीन, प्रोफेसर आइजक कंडुलना, प्रोफेसर आशीष देमता, प्रोफेसर स्मृति बारला, प्रोफेसर जोलेन सोय, प्रोफेसर संजीव कुमार महतो, प्रोफेसर अमित कुजूर सहित अन्य उपस्थित थे।