टीम एबीएन, रांची। वर्तमान समय में प्रतियोगिताएं कठिन होती जा रही हैं। मेडिकल में सामान्य वर्ग में 90 प्रतिशत अंक लाने के बाद ही चयन हो पा रहा है। न्यूटन ट्यूटोरियल्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक इमरान सर ने रामगढ़ में आयोजित सेमिनार में बच्चों का मार्गदर्शन किया।
रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने छात्रों से कहा कि आप अपना कॉन्सेप्ट क्लियर करें। विशेषकर मेडिकल के क्षेत्र में अपने करियर की संभावना तलाश रहे युवाओं से उन्होंने कहा कि आप जो भी ग्रहण करते हैं उसे पूरी तरह से प्राप्त करने का प्रयास करें। इसकी क्रम में उन्होंने कई सवाल के माध्यम से छात्रों को अपनी जानकारी साझा की।
साथ ही जांच करने का अवसर प्रदान किया और उन सवालों का कॉन्सेप्ट क्लियर कर बताया कि परंपरागत जबाव से हटकर जो कुछ जानकारी चाहिए, उसके लिए स्कूलों की पढ़ाई पर्याप्त नहीं है। साथ ही इमरान सर ने छात्रों और अभिभावकों को बताया कि स्कूल के कोर्स में राजनीतिकरण से हर साल कम कर आसान बनाया जा रहा है।
लेकिन जो प्रतियोगी परीक्षाएं हैं : जैसे- आइआइटी के उनके पाठ्यक्रम को उसी प्रकार ही रखा गया है जिससे बड़ी संख्या में छात्र उस स्तर को प्राप्त ही नहीं पा रहे हैं और असफल हो रहे हैं। शैक्षणिक संस्थानों में इन्हीं बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
विशेषज्ञ मदन सर ने छात्र एवं अभिभावकों से कहा कि अभ्यास और प्रयास से सफलता मिलती है। लेकिन कठोर अनुशासन सफलता के लिए अनिवार्य है। उन्होंने कई उदाहरण देते हुए छात्रों को बताया कि अभी की मेहतन ही सफलता के लिए आधार तैयार करती है और उस आधार पर हमारा जीवन और जीवन जीने के स्तर में बड़ा परिवर्तन होता है।
मौके पर एनके मुरलीधर ने कहा कि सफलता संयुक्त प्रयास का परिणाम होता है और सभी को इसके लिए सकारात्म्क होकर काम करना चाहिए। सफलता के लिए अब वैश्विक प्रतिस्पर्धा का दौर आ गया है। भारतीयों की पहचान काम करने में हो रही है।
इस कार्यक्रम में क्विज का आयोजन किया गया, जिसके विजेताओं को पुरस्कार दिया गया। कार्यक्रम का संचालन बरूज आबिद ने किया। मौके पर सेंट एनस, डीएवी अग्रसेन, डीएवी बरकाकाना, राधा गोविंद स्कूल सहित कई स्कूल के छात्र एवं अभिभावक सभागार में उपस्थित रहे। बच्चों और अभिभावकों ने सवाल पूछे, जिसका जवाब विशेषज्ञों ने दिया।