टीम एबीएन, रांची। बिरला प्रोद्योगिकी संस्थान, मेसरा के यान्त्रिक अभियांत्रिकी विभाग ने सतत विनिर्माण में भूतल इंजीनियरिंग और जनजातीय चुनौतियों पर कार्यशाला का आयोजन किया है, जो दिनांक 18 से 24 दिसंबर तक चलेगा। जिसमें देश के विभिन्न तकनीकी संस्थानों के शोध छात्र एवं छात्राएं भाग लेंगे।
इस कार्यशाला का प्रयोजन विज्ञान एवं इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड (एस ई आर बी) एवं एक्सलेरेट विज्ञान योजना से किया जायेगा। इस कार्यशाला में देश के प्रख्यात वैज्ञानिक एवं तकनीकी व्याख्याता अपना मंतव्य छात्रों के समक्ष प्रस्तुत करेंगे।
यांत्रिक अभियांत्रिकी के विभागाध्यक्ष डॉ डीपी मिश्रा एवं कार्यशाला के संयोजक डा अरकादेब मुखोपाध्याय ने बताया कि इस कार्यशाला का आयोजन विश्वविद्यालयों के होनहार पोस्टग्रेजुएट और पीएचडी छात्रों की उत्पादकता में सुधार लाने का प्रयास है।
इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों के बीच सामग्री के सतही प्रदर्शन एवं उससे संबंधित चुनौतियों का समाधान के तकनीक तथा अनुसंधान कौशल के बारे में बेहतर मंच प्रदान करना है।