टीम एबीएन, रांची। जेवियर समाज सेवा संस्थान (एक्सआईएसएस), रांची की आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) ने शुक्रवार को कंप्लायंस इन एक्शन : आईसीसीचैलेंज- नैविगैटिंग वर्कप्लेस रेस्पेक्ट शीर्षक पर एक केस स्टडी प्रतियोगिता का आयोजन किया।
प्रतियोगिता में जैज स्टार, जस्टिटिया ओम्निबस, कल्चर कैटलिस्ट, द ब्रेनी ब्रिगेड और पायनियर्स नाम की कुल 5 टीमों ने भाग लिया, जिनमें से प्रत्येक टीम में 6-8 सदस्य थे। टीमों ने कार्यस्थल पर उत्पीड़न के मामलों को प्रस्तुत किया, जिसने उन्हें यौन उत्पीड़न रोकथाम (पीओएसएच) अधिनियम के ढांचे के भीतर इन मामलों का गंभीरतापूर्वक विश्लेषण करने, समझने और समाधान प्रस्तावित करने की चुनौती दी गयी थी।
एक्सआईएसएस के निदेशक, डॉ जोसफ मारियानुस कुजूर एसजे ने पीओएसएच अधिनियम और छात्रों के लिए आईसीसी के ज्ञान के महत्व के बारे में अपने विचार रखे। आईसीसी की पीठासीन अधिकारी डॉ मधुमिता सिंघा ने कहा कि आईसीसी का उद्देश्य तभी पूरा होगा जब यह अधिनियम जीवन के हर क्षेत्र में हमारे अच्छे आचरण के महत्व की याद दिलायेगा और आज संस्थान में और बाद में अपने-अपने कार्यस्थल पर छात्रों की मदद करेगा।
डॉ रमाकांत अग्रवाल, डॉ अरूप मुखर्जी, डॉ अराना कौसर, डॉ भबानी प्रसाद महापात्रा और डॉ राजश्री वर्मा इस प्रतियोगिता के निर्णायक थे और उन्होंने प्रतिभागियों द्वारा केस प्रेजेंटेशन और रोल प्ले पर आधारित टीमें चुनी।
7000/- रुपये का पहला पुरस्कार टीम ब्रेनी ब्रिगेड ने जीता, उसके बाद 3000/- रुपये का दूसरा पुरस्कार टीम पायनियर्स को मिला, जबकि टीम जैजस्टार को 3000/- रुपये का तीसरा पुरस्कार दिया गया। कार्यक्रम के दौरान आईसीसी के सदस्य डॉ पूजा, कोयल, हर्ष वर्धन, अमीषा चौधरी, मालविका और फादर सुरेश समद भी उपस्थित थे।