- फर्मों, पूर्व छात्रों और डोनर्स ने जमकर दिये पैसे
- इंस्टीट्यूट ने बताया कि दस वर्षों में कुल फंडिंग 45 फीसदी सालाना चक्रवृद्धि दर से बढ़ी है
एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी मद्रास) ने वित्त वर्ष 2022-23 (एफवाई-23) में पूर्व छात्रों, इंडस्ट्री और इंडिविजुअल डोनर्स से 231 करोड़ रुपये जुटाये हैं। आईआईटी मद्रास ने सोमवार को कहा कि यह अब तक की जुटायी गयी सबसे ज्यादा रकम है।
आईआईटी मद्रास की तरफ से शेयर किये गये डेटा के मुताबिक, संस्थान ने वित्त वर्ष 22 में 131 करोड़ रुपये की फंडिंग इकट्ठा की थी, जो वित्त वर्ष 23 में 76 फीसदी बढ़ गयी। 1 करोड़ से ज्यादा की रकम दान करने वाले सदस्यों की संख्या सालाना आधार पर 64 फीसदी से ज्यादा बढ़ गयी है। बता दें कि आईआईटी मद्रास ने वित्त वर्ष 21 में 101.2 करोड़ रुपये जुटाये थे।
इंस्टीट्यूट ने बताया कि 10 वर्षों में कुल फंडिंग 45 फीसदी सालाना चक्रवृद्धि दर से बढ़ी है। इंस्टीट्यूट को सीएसआर (कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) फंड, कई भारतीय और बहुराष्ट्रीय कॉरपोरेट फर्मों (मल्टीनैशनल कॉरपोरेट फर्म्स) से ग्रांट यानी अनुदान मिला। इसके अलावा पूर्व छात्रों और व्यक्तिगत परोपकारी लोगों से भी धन मिला।
आईआईटी मद्रास की ऑफिस ऑफ इंस्टीट्यूशनल एडवांसमेंट के मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) ने कविराज नायर कहा- हमारे हितैषियों ने हमें स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन, एनर्जी, कौशल विकास (स्किल डेवलपमेंट) और कृषि जैसे सामाजिक रूप से आवश्यक क्षेत्रों में नई तकनीकों के विकास के लिए सेंटर्स ऑफ एक्सलेंस बनाने में मदद की। वे छात्रवृत्ति और फेलोशिप के माध्यम से जरूरतमंद छात्रों को फाइनैंशियल सपोर्ट भी प्रदान करते हैं।
नायर ने कहा- पूर्व छात्रों ने कैंपस के ओवरऑल इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार जैसे इनोवेशन हब, इनडोर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के कंस्ट्रक्शन में सहायता की। इसके अलावा उन्होंने कैंपस में ट्रांसपोर्टेशन की बेहतर सुविधा के लिए इलेक्ट्रिक बसों को खरीदा। हम आईआईटी मद्रास से जुड़े एक वर्ल्ड क्लास स्टार्टअप इकोसिस्टम बनाने के लिए अपने पूर्व छात्रों के साथ बड़े पैमाने पर काम करते हैं।
उन्होंने कहा कि पूर्व छात्रों के समर्थन से इंस्टीट्यूट को तकनीकी विशेषज्ञता, प्रोफेशनल नेटवर्क या फाइनैंशियल सोर्सेज में सहायता मिल सकती है। भारत भर में और विश्व स्तर पर पूर्व छात्रों और इंडिविजुअल डोनर्स ने संस्थान के लिए लगभग 96 करोड़ रुपये का योगदान दिया। विशेष क्षेत्रों में रिसर्च के लिए चेयर प्रोफेसरशिप स्थापित करने के अलावा उनके फोकस क्षेत्रों में विभिन्न सामाजिक प्रभाव विषयों पर रिसर्च, इन्फ्रास्ट्रक्चर, छात्रों के लिए स्कॉलरशिप शामिल हैं।
सीएसआर सेगमेंट में पिछले वर्ष की तुलना में 56 फीसदी की वृद्धि देखी गयी, जिसमें पिछले वर्ष 40 की नई पार्टनरशिप शामिल हैं। जिन क्षेत्रों ने डोनर्स से सबसे अधिक रुचि आकर्षित की उनमें सीएसआर के तहत रिसर्च के लिए सहयोग है। इसके अलावा एनर्जी, पर्यावरण, स्वास्थ्य और शिक्षा में प्रौद्योगिकी संचालित पहल में भी डोनर्स ने विशेष फोकस किया है।
2023-24 के चालू वित्त वर्ष के लिए संस्थान के प्रमुख रकम जुटाने वाले लक्ष्यों में भारत और अमेरिका में पूर्व छात्रों की रकम जुटाने वाली टीम को मजबूत करना शामिल है ताकि पूर्व छात्रों के सेगमेंट में और अधिक पहुंच बनायी जा सके।