टीम एबीएन, रांची। गोस्सनर कॉलेज रांची के भूविज्ञान विभाग विद्यार्थियों के लिए बीआईटी मेसरा के द्वारा ड्रोन टेक्नोलॉजी का प्रयोग जियो इनफॉर्मेटिक्स में विषय पर कार्यशाला का आयोजन कराया गया। इस कार्यशाला का उद्घाटन कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर इलानी पूर्ति ने किया। आज के युग में विभिन्न क्षेत्रों में ड्रोन टेक्नोलॉजी की उपयोगिता बढ़ती जा रही है। इसके मद्देनजर भी यह कार्यशाला काफी उपयोगी रहा।
इस कार्यशाला में बीआईटी मेसरा के कोर्स कोऑर्डिनेटर असिस्टेंट प्रोफेसर अभय कुमार के साथ अभिनव कुमार एवं ओमकार पांडे ने संयुक्त रूप से ड्रोन के प्रयोग और उसके फायदे को विस्तारपूर्वक बताया । इस अवसर पर विशेषज्ञों ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों का टोपोग्राफिकल मैपिंग किया जा सकता है।
उन्होंने ड्रोन के प्रयोग को बताते हुए कहा कि किसी भी दिए हुए एरिया जैसे जियोलॉजिकल, टोपोग्राफिकल, माइनिंग एरिया का मैपिंग आसानी पूर्वक किया जा सकता है । ड्रोन अर्बन प्लैनिंग, ट्रैफिक मैनेजमेंट के साथ मेडिकल क्षेत्र में इमरजेंसी सेवाएं देने में अपनी बड़ी भूमिका अदा कर सकता है। इस अवसर पर भूविज्ञान विभाग के बच्चों को ड्रोन टेक्नोलॉजी की उपयोगिता एवं प्रयोग के साथ साथ नक्शा तैयार करने की भी जानकारी दी गयी।
मौके पर बताया गया कि इसकी जानकारी रखने वाले विद्यार्थी इस क्षेत्र में अपने करियर को उड़ान दे सकते हैं । ऐसे विद्यार्थियों के लिए जियोलॉजिकल एक्सप्लोरेशन सेक्टर, सर्वे डिपार्टमेंट साथ-साथ फॉरेस्ट सेक्टर, अर्बन प्लैनिंग, टाउन प्लानर के क्षेत्र में भी करियर बनाने का अवसर मिल सकता है।
कार्यशाला में कॉलेज के सहायक कोषाध्यक्ष प्रोफेसर प्रवीण सुरीन, शिक्षक प्रतिनिधि प्रोफेसर अमरदीप टोपनो, विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अमरेश चंद्र मिश्र प्रोफेसर सीआर नवल लुगुन, डॉ श्याम लाल सिंह, धनंजय कुमार सहित विभाग के बच्चे उपस्थित थे।