- कस्टम ड्यूटी बढ़ाने की तैयारी में जुटी सरकार
एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्र सरकार 2023-24 के आम बजट की तैयारी में लगी है। आने वाली 1 फरवरी को वित्त मंत्री निर्मता सीतारमण अपने कार्यकाल का पांचवा आम बजट पेश करेंगी। केंद्रीय बजट में हर साल कई सामानों (वस्तुओं) और सेवाओं पर लगने वाले टैक्स को लेकर भी बदलाव की घोषणा की जाती है।
यही कारण है कि बजट की घोषणा के बाद कई बार कुछ सामानों की कीमतों में गिरावट आती हैं तो वहीं अगर बजट में जिन सामान और सेवाओं पर लगने वाले टैक्स को बढ़ाया जाता है तो उनकी कीमतों में इजाफा होता है। इस साल बजट के बाद कई सामानों के महंगे होने आशंका है। इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस बार के आम बजट के बाद करीब 35 या उससे अधिक सामानों के भाव बढ़ने वाले हैं क्योंकि इन पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी को बढ़ाने पर सरकार विचार कर रही है।
अगर इस पर फैसला होता है और केंद्र की ओर से इन सामानों पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाई जाती है तो ये सामान बजट के बाद महंगे हो सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार इन वस्तुओं का आयात घटाने और देश में ही इन सामानों के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कस्टम ड्यूटी बढ़ाने का ऐलान कर सकती है। ऐसा माना जा रहा है कि इस फैसले से सरकार की मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट को भी बढ़ावा मिल सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक जिन सामानों पर कस्टम्स ड्यूटी बढ़ाने पर सरकार विचार कर रही है, उनमें प्राइवेट जेट, हेलीकॉप्टर, कई महंगे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, प्लास्टिक के सामान, ज्वैलरी, हाई-ग्लॉस पेपर और विटामिन आदि शामिल हैं। वहीं, कॉमर्स एंड इंडस्ट्री मिनिस्ट्री ने बीते महीने ही विभिन्न मंत्रालयों से उन गैर-जरूरी वस्तुओं की लिस्ट बनाने को कहा था, जिनपर कस्टम ड्यूटी बढ़ायी जा सकती है।
रिपोर्ट की मानें तो केंद्र सरकार को उम्मीद है कि अगर इन सामानों पर कस्टम ड्यूटी को बढ़ाया जायेगा तो देश में इनके आयात में कमी आ सकती है, इससे दो फायदे होने की उम्मीद है- एक, देश को अपना चालू खाता घाटा कम करने में मदद मिल सकती है। दूसरा, इन सामानों के देश में ही उत्पादन अधिक होने की संभावना है।
इससे सरकार का मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट भी मजबूत हो सकता है। बता दें, वित्त वर्ष 2023 की सितंबर तिमाही में देश का चालू खाता घाटा बढ़कर बीते 9 सालों के हाई लेवर था, यानी 4.4 प्रतिशत पर पहुंच गया था। बता दें कि 1 फरवरी को पेश होने वाला बजट 2024 के आम चुनाव से पहले मोदी सरकार का आखिरी पूर्ण बजट होगा।