एबीएन कैरियर डेस्क। लॉ स्कूल एडमिशन काउन्सिल द्वारा डिजाइन किए गए एवं पियरसन व्यू (ढीं१२ङ्मल्ल श्४ी) द्वारा डिलीवर किए गए एलएसएटी- इंडियाट्ठ को 2023 में दो बार आयोजित किया जाएगा- एक जनवरी में और फिर जून में। एलएसएटी- इंडिया 2023 के जनवरी टेस्ट के लिए रजिस्टर करने की अंतिम दिनांक 11 जनवरी 2023 है। यह परीक्षा 22 जनवरी 2023 को कई स्लॉट्स में होगी। परीक्षा के लिए रजिस्टर करने हेतु लिंक है : http://pearsonvueindia.com/lsatindia
एलएसएटी- इंडिया अब अपने 14वें साल में है- यह लॉ में प्रवेश के लिए अग्रणी परीक्षा है, जिसका उपयोग भारत के कई लॉ कॉलेजों में अंडर ग्रेजुएट एवं पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्रामों के लिए किया जाता है। इस परीक्षा में एनालिटिकल रीजनिंग, लॉजिकल रीजनिंग और रीडिंग कॉम्प्रीहेंशन के सेक्शन होते हैं। एलएसएटी-इंडिया एक स्टैण्डर्ड टेस्ट है जिसके द्वारा छात्रों के रीडिंग स्किल, क्रिटिकल थिंकिंग एवं इनफोर्मल एवं डीडक्टिव रीजनिंग स्किल्स की जांच की जाती है। एलएसएटी- इंडिया में कुल 92 सवाल पूछे जाते हैं, जिनका जवाब 2 घण्टे 20 मिनट में देना होता है। एलएसएटी इंडिया के स्कोरकार्ड में एक स्केल्ड स्कोर और एक परसेंटाइल रैंक होता है।
लॉ के उम्मीदवारों को जनवीर 2023 की परीक्षा देने से कई फायदे होंगे। प्रोफेसर आनंद प्रकाश मिश्रा, डायरेक्टर, लॉ एडमिशन्स, ओपी जिंदल ग्लोबल युनिवर्सिटी एवं एसोसिएट डीन आॅफ जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल ने छात्रों को तीन कारण बताए, जिनकी वजह से उन्हें 22 जनवरी वाली परीक्षा देनी चाहिए।
- अगर आप जनवरी का टेस्ट देते हैं तो जेजीएलएस में एडमिशन मिलने की संभावना दोगुनी हो जाएगी। उम्मीदवार एलएसएटी-इंडिया टेस्ट देने वाले औसतन 3500 से अधिक उम्मीदवारों को 5 वर्षीय बीए/ बीबीए/ बीकॉम, एलएलबी आनर्स प्रोग्राम में एडमिशन नहीं मिलता। अगर आप जनवरी की परीक्षा देते हैं और आप एडमिशन के लिए कट-आफ क्वालिफाय नहीं कर पाते, तो आपके पास जून 2023 में फिर से टेस्ट देने का विकल्प होगा और आप वहां क्वालिफाइंग स्कोर पा सकेंगे।
- जनवरी की परीक्षा में सफलता हासिल करने से 12वी की बोर्ड परीक्षा से पहले ही जेजीएलएस में आपकी सीट सुरक्षित हो जाएगी। इस तरह आपके लिए बोर्ड की परीक्षा की तैयारी करना आसान हो जाएगा।
- वे छात्र जो जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल में पढ़ाई के लिए स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करना चाहते हैं, वे दोनों में से उंचे कट-आफ स्कोर का उपयोग कर सकते हैं- जो आमतौर पर एलएसएटी- इंडिया परीक्षा में 90 परसेंटाइल होता है।
- टेस्ट देने वाले छात्रों की सुविधा के लिए परीक्षा पूरे भारत में आनलाईन मोड के जरिए रिमोट प्रॉक्टरिंग द्वारा आयोजित की जाएगी। घरसे परीक्षा देने के लिए छात्रों को सुनिश्चित करना होगा कि उनके पास जरूरी सिस्टम हो। छात्रों को एफएक्यू सेक्शन पर जाकर टेस्ट के बारे में सभी जानकारी पहले से हासिल कर लेनी चाहिए, ताकि वे टेस्ट की तैयारी के साथ-साथ घर से परीक्षा देने के लिए भी तैयार रह सकें।
प्रोफेसर डॉ सी राज कुमार, फाउन्डिंग वाइस चांसलर, ओपी जिंदल ग्लोबल युनिवर्सिटी एवं फाउन्डिंग डीन, जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल ने बताया कि एलएसएटी इंडिया लॉ स्कूल में एडमिशन के लिए सर्वश्रेष्ठ टेस्ट है, जिसमें छात्रों के लॉजिक, रीजनिंग एवं कॉम्प्रिहेंशन स्किल की जांच की जाती है, जो लॉ स्कूल एवं कानूनी पेशे में सफलता हासिल करने के लिए जरूरी हैं। देश की ज्यादातर अन्य प्रवेश परीक्षाओं के विपरीत, इसमें जनरल नॉलेज, करेंट अफेयर्स, मैथेमेटिक्स या लीगल नॉलेज की जांच नहीं की जाती। इस तरह छात्रों को क्रिटिकल थिंकिंग के लिए प्रेरित किया जाता है, ना कि रट कर पढ़ने के लिए।
उन्होंने कहा कि लॉ स्कूल एडमिशन काउन्सिल, यूएसए जो पियरसन व्यू के साथ भारतीय लॉ स्कूलों में इस परीक्षा का आयोजन करता है, उसे जनवरी एवं जून में दो बार परीक्षा के आयोजन के लिए हम बधाई देते हैं। जिंदल ग्लोबल लॉ स्कूल की 75 फीसदी तक सीटें एलएसएटी-इंडिया 2023 जनवरी टेस्ट द्वारा भरी जा सकती हैं और इसलिए उन सभी छात्रों को 22 जनवरी वाला टेस्ट देना चाहिए जो आगे लॉ की पढ़ाई करना चाहते हैं।