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राष्ट्रीय कांफ्रेंस के छठे दिन आर्ट्स और हुमानिटीज के शोधार्थियों ने प्रस्तुत किया शोध पत्र

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राष्ट्रीय कांफ्रेंस के छठे दिन आर्ट्स और हुमानिटीज के शोधार्थियों ने प्रस्तुत किया शोध पत्र
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टीम एबीएन, रांची। वाईबीएन विश्वविद्यालय में 9 से 16 दिसंबर 2022 तक 8 दिवसीय राष्ट्रीय कांफे्रंस के आयोजन का आज यानि 14/12/22 को छठा दिन था। आज स्कूल आॅफ आर्ट्स एवं हुमानिटीज के इंग्लिश, बंगाली, म्यूजिक, हिंदी और संस्कृत के शोधार्थियों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किये। मौके पर विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी विश्वविद्यालय से दिग दिगंतर के विद्वत जनों, शिक्षाविदों, गुणी  शोधार्थी उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। मौके पर वाईबीएन विश्वविद्यालय के चेयरमैन डॉ रामजी यादव, मुख्य कार्यकारी अधिकारी इंजीनियर दीपक कुमार, कुलपति प्रोफेसर डॉ एसपी यादव, कुलसचिव प्रोफेसर डॉ श्रीरमन दुबे, उप कुलसचिव संजय तिवारी, कांफ्रेंस संचालक डॉ ब्रजेश कुमार सिंह, डॉ आशीष सरकार, डॉ चंद्रजीत कुमार प्रबंधन समिति, फैकल्टी स्टाफ सहित सभी विद्यार्थियों का प्रतिभागी बना रहा।

आज का थीम आफ टॉपिक अंग्रेजी विभाग के लिए अंग्रेजी भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक अध्ययन पर राष्ट्रीय सम्मेलन। बंगाली विभाग के लिए भारतीय लोक साहित्य, बंगाली साहित्य की भूमिका : भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के बाद। संगीत विभाग के लिए वर्तमान संदर्भ में हिंदुस्तानी राग का महत्व, संगीत शिक्षा के लिए शिक्षण संसाधन। हिंदी विभाग के लिए रामचरितमानस में लोक मंगल के तत्व, उपन्यास एवं नाटक समाजशास्त्रीय के अध्ययन। संस्कृत विभाग के लिए प्राचीन धार्मिक ग्रन्थो में उपनिषदों के उपादेयता, संस्कृत साहितय के अन्तर्गत उपनिषद् वेदों में चर्चित गहन विषय था।

इस राष्ट्रीय कांफ्रेंस में विभिन्न सरकारी एवं गैर-सरकारी विश्वविद्यालय के प्रतिनिधी के रूप में प्रो नलिनी श्याम कामिल प्रोफेसर और अंग्रेजी विभागाध्यक्ष, एमजीकेवीपी, वाराणसी, डॉ डीके पांडेय, एसोसिएट प्रोफेसर, अंग्रेजी विभाग एचसीपीजी कॉलेज, वाराणसी, प्रो विजय कुमार कर्ण, संस्कृत प्रमुख, नव नालंदा महाविहार, संस्कृति मंत्रालय, बिहार, डॉ सुनील कुमार कश्यप, सहायक प्राध्यापक, मांडू, रामगढ़, डॉ अमीना खातून सहायक प्रोफेसर और आई सी बंगाली अनुभाग अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, अलीगढ़ उप्र, डॉ करुणा पेनजियारा सहायक प्रोफेसर, बंगाली विभाग, कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा झारखंड, डॉ मटुक नाथ चौधरी, पूर्व विभागाध्यक्ष, हिंदी पटना विश्वविद्यालय, पटना, बिहार, डॉ जंगबहादुर पाण्डेय, पूर्व एचओडी, हिंदी विभाग रांची विश्वविद्यालय, रांची, झारखंड, डॉ पूनम धान सहयोगी प्रोफेसर वीमेंस कॉलेज रांची, डॉ सुनीता यादव सहयोगी प्रोफेसर हिंदी विभाग रांची विमेंस कॉलेज ने अपने बहुमूल्य व्याख्या तथा शोध अनुभवो को साझा किया। मौके पर स्कूल आॅफ आर्ट्स एवं हुमानिटीज डीन डॉ मनोज कुमार ने भी अपने बहुमूल्य व्याख्या तथा शोध अनुभवो को साझा किया। राष्ट्रीय कांफ्रेंस के छठे दिन का समापन सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

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