- मन और चित का शांत होना बेहतर शिक्षा के लिए बहुत जरूरी : एनके मुरलीधर
- मोटिवेटर सह वरिष्ठ पत्रकार ने किया बच्चों को संबोधित
टीम एबीएन, रांची। वाईएमसीए हाई स्कूल धुर्वा में एक मोटिवेशनल काउंसिलिंग का आयोजन किया गया। सोमवार को आायोजित इस कार्यक्रम में स्कूल के छात्रों ने हिस्सा लिया। मौके पर मोटिवेटर सह वरिष्ठ पत्रकार एनके मुरलीधर ने बच्चों को विशेष रूप से संबोधित करते हुए कहा कि बदलते समय में हमारी जानकारी का स्तर बुद्धिमानी तक हो जाना चाहिए, तब हम पूरी दुनिया में अपने लिये अवसर की तलाश कर सकेंगे।
उन्होंने बच्चों से जानना चाहा कि वे अपनी आदतों को लेकर कितना चिंतित हैं और इसे सुधारने के लिये वो क्या कर रहे हैं? स्कूली शिक्षा को जीवन के निर्माण का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण समय बताते हुए उन्होंने कई उदाहरण प्रस्तुत किये, जिसमें शिक्षकों की संवेदनीशलता और उनके दायित्व का महत्व समझ में आता है। जीवन में शिक्षक का कोई विकल्प नहीं होता है।
श्री मुरलीधर ने कहा कि आज की स्थिति में हमारी मानसिक चंचलता ही शिक्षा प्राप्त करने में सबसे बड़ी कठिनाई है। मन और चित का शांत होना बेहतर शिक्षा के लिये आवश्यक है। विशेषकर आज के युग में पढ़ाई के साथ ही खेल कूल और सांस्कृतिक गतिविधियों को नकारा नहीं जा सकता है। हमें जीवन के इस काल में विशेष गंभीरता बनाये रखने की आवश्यकता है जिससे हमें पता हो कि हमें क्या बनना है और हमें उसके लिये क्या करना है?
स्कूल में जर्मन भाषा की पढ़ाई पर श्री मुरलीधर ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह स्कूल का एक अच्छा प्रयास है। जर्मनी दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और वहां की आय हमारे देश से कई गुणा अधिक है। कई लोग 50 वर्ष की उम्र में जर्मन सीखते हैं क्योंकि उन्हें जर्मनी जाने का शौक होता है वहां अधिक वेतन और सुविधा है। ऐसे में यह अवसर आपको आज ही मिल रहा है। इसके लिये स्कूल प्रबंधन का आभार व्यक्त करना चाहिए। जहां तक जीवन में अवसर का सवाल है तो आज पहले की तुलना में अधिक अवसर है और आप रांची जैसे अच्छे शहर में रह रहे हैं। श्री धर ने कहा कि अधिक से अधिक जानना और बिलकुल सही जानकारी दूसरे को देना भी आज एक बड़ा दायित्व है। ऐसा करके आप एक मजबूत समाज का निर्माण करते हैं। पढ़ाई का उदेश्य आपको बुद्धिमान बनाना है और स्कूल का जीवन इसके लिये ही मिला है जिसका लाभ उठायें। मौके पर अजय सानी और स्कूल की प्रिंसिपल सुषमा, सौरभ विशेष रूप से उपस्थित रहे।