रांची। झारखंड एकेडमिक काउंसिल वर्ष 2022 की मैट्रिक और इंटर की परीक्षा के पैटर्न में बदलाव कर सकता है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इस संबंध में प्रस्ताव तैयार किया गया है। प्रस्ताव पर एक-दो दिनों में अंतिम निर्णय लेने की संभावना है। कोविड 19 के कारण राज्य में भी मैट्रिक और इंटर की परीक्षा सीबीएसइ की तर्ज में दो चरणों में ली जा सकती है। पहले चरण की परीक्षा दिसंबर और दूसरे चरण की परीक्षा मार्च में लेने की तैयारी है। कोविड 19 के कारण अगर दोनों परीक्षाएं नहीं हो सकीं, तो एक परीक्षा के आधार पर रिजल्ट जारी किया जा सकता है। ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों परीक्षा के विकल्प पर विचार हो रहा है। अगर दोनों परीक्षा ऑनलाइन और ऑफलाइन हुई तो दोनों का महत्व एक समान होगा। वहीं अगर एक परीक्षा ऑनलाइन व दूसरी ऑफलाइन हुई, तो ऑफलाइन परीक्षा के अंक का महत्व अधिक होगा। राज्य में कोविड 19 के के कारण वर्ष 2021 की मैट्रिक और इंटर की परीक्षा नहीं हुई। दोनों परीक्षा का रिजल्ट वर्ष 2020 के कक्षा नौ व 11वीं के प्राप्तांक के आधार पर तैयार किया गया। इस वर्ष कक्षा नौ व 11वीं की परीक्षा भी नहीं हुई है। ऐसे में अगर कोविड 19 के संक्रमण के कारण वर्ष 2022 की भी परीक्षा नहीं हुई तो मैट्रिक, इंटर का रिजल्ट जारी करने में परेशानी हो सकती है। कक्षा नौ से 12वीं तक के सिलेबस में भी कटौती का प्रस्ताव तैयार किया गया है। सिलेबस में 25 फीसदी तक कटौती की जा सकती है। वर्ष 2022 की परीक्षा 75 फीसदी सिलेबस के आधार पर ही ली जायेगी। कक्षा नौ से 12वीं तक के विद्यार्थियों का पठन-पाठन अगस्त में शुरू हुआ है। चार माह तक पठन-पाठन बाधित रहा। इस कारण सिलेबस कम करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। दोनों परीक्षा में सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ होंगे। 80 अंक की परीक्षा ली जायेगी। 20 अंकों का आंतरिक मूल्यांकन होगा। दोनों चरणों की परीक्षा 40-40 अंक की होगी। परीक्षा ओएमआर शीट पर ली जा सकती है। परीक्षा ओएमआर शीट पर नहीं होने की स्थिति भी सभी प्रश्न वस्तुनिष्ठ होंगे। जिन विषयों में प्रायोगिक परीक्षा नहीं होती है, उन विषयों में ही आंतरिक मूल्यांकन किया जायेगा।