एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय प्रतिभूति एवं विनियम बोर्ड (सेबी) की अध्यक्ष माधवी पुरी बुच ने बुधवार को कहा कि व्यवसाय करने का कोई भी ऐसा तरीका जो ब्लैक बॉक्स पर आधारित है और जिसका न तो लेखा परीक्षण किया जा सकता है और न ही सत्यापन किया जा सके, उसकी इजाजत नहीं दी जायेगी। उन्होंने यह भी कहा कि डेटा सार्वजनिक अवसंरचना है और इसे अपने अधिकार में लेने का किसी भी निजी इकाई या व्यक्ति का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। ब्लैक बॉक्स एक उपकरण या प्रणाली है, जो अपने आतंरिक कामकाज के बारे में कोई खुलासा किए बिना उपयोगी जानकारी देता है। इसके निष्कर्षों के लिए कोई स्पष्टीकरण नहीं रहता है। बुच ने ग्लोबल फिनटेक फेस्ट को संबोधित करते हुए कहा, हम एल्गो (एल्गोरिदम) ट्रेडिंग के समर्थन में या विरोध में नहीं हैं, बशर्ते पर्याप्त पारदर्शिता और खुलासे हों। कारोबारी मॉडल ब्लैक बॉक्स पर आधारित नहीं हो सकते हैं...इसलिए ऐसा कोई भी दावा जिसका लेखा परीक्षण या सत्यापन नहीं हो सके उसकी इजाजत नहीं दी जायेगी।
ऐसी खबरें आई थी कि बाजार नियामक एल्गो ट्रेडिंग के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। इस महीने की शुरुआत में पूंजी बाजार नियामक सेबी ने निवेशकों को एल्गो ट्रेडिंग से संबंधित सेवाएं देने वाले ब्रोकरों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे। इस पहल का उद्देश्य उच्च रिटर्न का दावा कर शेयर बिक्री पर रोक लगाना है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने पाया कि कुछ शेयर ब्रोकर नियमन के दायरे से बाहर मंचों के जरिये एल्गोरिदम (एल्गो) आधारित कारोबार की सुविधा निवेशकों को दे रहे हैं।