Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
कानून व्यवस्था

बच्चे को गोद लेना भारत में बहुत कठिन, प्रक्रिया को सरल करने पर सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब

शेयर करें: WhatsApp Facebook X
बच्चे को गोद लेना भारत में बहुत कठिन, प्रक्रिया को सरल करने पर सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब
विज्ञापन
एबीएन सेंट्रल डेस्क। उच्चतम न्यायालय ने कहा कि भारत में बच्चे को गोद लेने की प्रक्रिया बहुत ही कठिन है और प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने की तत्काल आवश्यकता है। न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला की पीठ ने केंद्र की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) केएम नटराज से देश में बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया को कारगर बनाने के लिए कदम उठाये जाने के अनुरोध संबंधी एक जनहित याचिका पर अपना जवाब दाखिल करने को कहा। पीठ ने कहा, हमारे जनहित याचिका पर नोटिस जारी करने का कारण यह है कि भारत में बच्चे को गोद लेने की प्रक्रिया बहुत कठिन है। केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (सीएआरए) की वार्षिक क्षमता 2,000 दत्तक ग्रहण करने की है जो अब बढ़कर 4,000 हो गई है। इस देश में तीन करोड़ बच्चे अनाथ हैं। प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने की तत्काल आवश्यकता है। अदालत ने नटराज को जनहित याचिकाकर्ता "द टेंपल ऑफ हीलिंग" के सुझावों पर विचार करने और प्रक्रिया को कारगर बनाने के लिए उठाए गए कदमों के बारे में जवाब दाखिल करने को कहा। एएसजी ने कहा कि उन्हें गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) की विश्वसनीयता के बारे में पता नहीं है और याचिका की एक प्रति उन्हें नहीं दी गई है। पीठ ने एनजीओ की ओर से पेश पीयूष सक्सेना को याचिका की एक प्रति नटराज को देने के लिए कहा, ताकि वह अपना जवाब दाखिल कर सकें। न्यायालय ने मामले को तीन सप्ताह के बाद सूचीबद्ध कर दिया।
विज्ञापन

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।

विज्ञापन

© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.

कुल पाठक (Total Visitors): 36,942