Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
कानून व्यवस्था

जज उत्तम आनंद हत्याकांड : आरोपी लखन वर्मा और राहुल वर्मा दोषी करार

शेयर करें: WhatsApp Facebook X
जज उत्तम आनंद हत्याकांड : आरोपी लखन वर्मा और राहुल वर्मा दोषी करार
विज्ञापन
टीम एबीएन, धनबाद/ रांची। जज उत्तम आनंद हत्याकांड में कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। सीबीआई की विशेष अदालत में मामले की सुनवाई चली। कोर्ट ने ठीक एक साल के बाद जज उत्तम आनंद मामले में अपना फैसला सुनाया है। कोर्ट ने आरोपी लखन वर्मा और राहुल वर्मा को धारा 302 और 201 में दोषी करार दिया है। 6 अगस्त को अदालत सजा के बिंदु पर अपना फैसला देगी। 28 जुलाई 2021 को सुबह न्यायाधीश उत्तम आनंद को आॅटो ने टक्कर मार दी थी। जिसके बाद जज उत्तम आनंद की मौत हो गई थी, धनबाद के सीबीआई के विशेष न्यायाधीश रजनीकांत पाठक की अदालत में इस मामले का स्पीडी ट्रायल हुआ। पांच महीने में 58 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अदालत ने मंगलवार को सुनवाई के बाद 28 जुलाई 2022 की तारीख जजमेंट के लिए निर्धारित कर दी थी। सुनवाई के दौरान सीबीआई की क्राइम ब्रांच के स्पेशल पीपी अमित जिंदल ने आरोप पत्र के कुल 169 गवाहों में से 58 गवाहों का बयान दर्ज कराया था। सीबीआई ने दावा किया है कि आरोपित लखन वर्मा एवं राहुल वर्मा ने जानबूझकर जज उत्तम आनंद को टक्कर मारी थी जिनसे उनकी मौत हुई। जिला एवं सत्र न्यायाधीश अष्टम उत्तम आनंद हर दिन की तरह बुधवार को भी मॉर्निंग वॉक के लिए निकले थे। इसी दौरान एक आॅटो ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गए। बाद में वहां से गुजर रहे दूसरे आॅटो चालक ने उन्हें अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसमें उन्हें एक आॅटो टक्कर मारते दिख रहा है। उत्तम आनंद चर्चित रंजय हत्याकांड की सुनवाई कर रहे थे। न्यायाधीश उत्तम आनंद ने छह महीने पहले ही जिला एवं सत्र न्यायाधीश अष्टम के पद पर ज्वाइन किया था। इससे पहले वे बोकारो के जिला एवं सत्र न्यायाधीश थे। वे चर्चित रंजय सिंह हत्याकांड की सुनवाई कर रहे थे। रंजय सिंह धनबाद के बाहुबली नेता और झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह के काफी करीबी माने जाते थे। कुछ दिन पहले ही शूटर अभिनव सिंह और अमन का गुर्गा रवि ठाकुर की जमानत याचिका उन्होंने खारिज कर दी थी। आशंका जताई जा रही है कि रंजय सिंह हत्याकांड मामले में ही उनकी हत्या की गई है। झरिया के पूर्व विधायक संजीव सिंह के करीबी माने जाने वाले रंजय सिंह की हत्या 29 जनवरी 2017 में धनबाद-गोविंदपुर मुख्य मार्ग पर चाणक्य नगर के मुख्य दरवाजे पर शाम में लगभग 5:30 बजे कर दी गई थी। माना जा रहा है कि इसी के प्रतिशोध में 21 मार्च 2017 को डिप्टी मेयर नीरज सिंह की हत्या की गई थी। नीरज सिंह की हत्या स्टील गेट के पास कोयला भवन जाने वाले मुख्य चौराहे पर धनबाद- गोविंदपुर मुख्य मार्ग पर हुई थी। इस हत्याकांड में नीरज सिंह सहित चार लोगों की मौत हुई थी।
विज्ञापन

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।

विज्ञापन

© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.

कुल पाठक (Total Visitors): 36,473