टीम एबीएन, रांची। स्वच्छता रैंकिंग में बार-बार नंबर-1 आ रहे मध्य प्रदेश के इंदौर की तर्ज पर अब झारखंड में भी साफ-सफाई को लेकर कवायद शुरू कर दी गई है। बाजारों में सफाई व्यवस्था को लेकर नगर निगम सख्ती के मूड में है। नगर विकास विभाग ने राज्य के सभी नगर निकायों को शहरों को साफ और स्वच्छ बनाने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही सभी मकान मालिकों और दुकानदारों को अपने घर और दुकानों में डस्टबिन रखने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही निर्देश का पालन नहीं करने पर 1000 रुपए तक जुर्माना का प्रावधान भी किया है। एक तरफ जहां शहरों में गंदगी फैलाने पर 50 रुपए से लेकर 2500 रुपए तक के दंड का प्रावधान किया गया है तो वहीं दूसरी तरफ सरकारी भवनों और चौक-चौराहों पर पोस्टर चिपकाने या किसी भी तरह के स्लोगन लिखने पर 1500 रुपए का जुर्माना लगेगा। चाट, फास्ट फुड का ठेला लगाने वाले दुकानदारों द्वारा सड़क पर कचरा फेंकने पर 75 रुपए की राशि का भुगतान करना होगा। इसके साथ ही नगर विकास विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत सरकारी या आम रास्ता पर कब्ज़ा करना, रास्ते में कचरा फेंकना और खुले में शौच या पेशाब करना दंडनीय अपराध की श्रेणी में आएगा। नगर विकास विभाग ने नगर निकायों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि लोग कूड़ा, कूड़े वाली गाड़ी पर ही डालें। यदि किसी कारण कूड़े वाली गाड़ी समय पर नहीं आती है तो लोग सार्वजनिक कचरापेटी में ही कूड़ा डाले। किसी भी परिस्थिति में सड़क पर कचरा नहीं फेंका जाए। साथ ही नगर निकाय सफाई शुल्क का भुगतान, ट्रेड लाइसेंस और नगर निकाय होल्डिंग कर का भुगतान समय पर प्राप्त करने के लिए काम करें।