एबीएन सेंट्रल डेस्क। टेरर फंडिंग मामले में एनआइए की टीम ने शुक्रवार को चतरा के पिपरवार में बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने एक साथ छह रसूखदार लोगों के यहां छापेमारी की। इस दौरान एनआइए ने बिलारी में पूर्व उप प्रमुख बबलु मुंडा, किचटो में जानकी महतो, बेंती में रोहण गंझू, बेंती पंचायत के पूर्व उप मुखिया नागेश्वर गंझू और जोबिया में महेंद्र गंझू के यहां चल-अचल संपत्ति के दस्तावेज खंगाले। बताया जाता है कि एनआइए ने पूछताछ के लिए तीन लोगों को हिरासत में भी लिया है। इनमें से एक व्यक्ति को बेंती गांव से गुरूवार रात को ही उठाया था। उनसे पूछताछ की जा रही है। छापेमारी के दौरान स्थानीय पुलिस को इससे अलग रखा गया था। वहीं, चतरा से भारी संख्या में जिला पुलिस बल को बुलाया गया था। इनमें काफी संख्या में महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थी। बाद में चतरा एसपी राकेश रंजन भी पिपरवार पहुंचे। टीम सुबह पांच बजे ही पिपरवार पहुंच गयी थी। बताया जाता है कि पिछले दिनों टीएसपीसी के जोनल कमांडर भिखन गंझू की गिरफ्तारी के बाद उसने पुलिस के समक्ष कई राज खोले थे। इसी को आधार बना कर एनआइए ने कार्रवाई की। छापेमारी के संबंध में पूछने पर टीम के सदस्यों ने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। फिलहाल, एनआइए की इस कार्रवाई से कोयला व्यवसायियों में हड़कंप मचा हुआ है। एनआईए ने दो साल पहले 77 लोगों को टेरर फंडिंग मामले में आरोपी बनाया था और सभी के विरुद्ध मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की थी। बाद में यह जांच ठंढा पड़ गया और इसको लेकर तरह तरह के कयास लगाये जाने लगे। आज जिन लोगों के यहां छापेमारी हुई है वे सभी के नाम 77 लोगों में शामिल हैं।
एनआईए ने आज पूरी तैयारी के साथ कार्रवाई की। चतरा में टेरर फंडिंग को लेकर पुलिस और ऐसे लोगों के बीच गठजोड़ की चर्चा सरेआम है। यही कारण माना जा रहा है कि आज की कार्रवाई से चतरा पुलिस को अलग रखा गया और छापेमारी के घंटों बाद तक पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। बाद में चतरा एसपी भी पिपरवार पहुंचे थे।
रांची के कांके में भी हुई छापेमारी : बबलू मुंडा फिलहाल रांची के कांके में रहते हैं और वहां भी एनआईए की टीम ने छापेमारी की है। बताया जा रहा है कि छापेमारी में पुलिस को कई अहम कागजात हाथ लगे हैं, जिससे और लोगों के भी रडार पर आने की संभावना है। इस कार्रवाई से कुछ सीसीएल अधिकारियों की नींद उड़ी हुई है।