टीम एबीएन, रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार के सदस्यों, साथियों द्वारा चलायी जा रही शेल कंपनियों को खनन पट्टों की कथित मंजूरी मामले की अब 24 मई को सुनवाई होगी। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और मुकुल रोहतगी की मांग पर मंगलवार (24 मई ) को अगली सुनवाई की तिथि निर्धारित की गई है।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिवार के सदस्यों, साथियों द्वारा चलायी जा रही शेल कंपनियों को खनन पट्टों की कथित मंजूरी मामले की सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गया था। मुख्य न्यायाधीश एनवी रमण और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और मुकुल रोहतगी की दलीलों पर गौर करते हुए इसे गंभीर मामला बताया था, जिसमें जांच एजेंसी नोटिस जारी करने से पहले झारखंड उच्च न्यायालय में सीलबंद लिफाफे में दस्तावेज दाखिल कर रही है। वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और मुकुल रोहतगी की दलील पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि था हम इस पर 20 मई 2022 को सुनवाई करेंगे।
बृहस्पतिवार (19 मई 2022) को झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान हेमंत के वकील वकील कपिल सिब्बल ने जानकारी दी थी कि सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई है। जिसमें राज्य सरकार की ओर से कोर्ट के उन आदेशों को चुनौती दी गई है जो पिछली दो सुनवाई के दौरान 13 और 17 मई को पारित किए गए थे। इसलिए इस मामले की सुनवाई ना की जाए और न ही किसी प्रकार का कोई आर्डर पास किया जाए।