कानून व्यवस्था
झारखंड पंचायत चुनाव : जान लें आयोग के निर्देश, नहीं तो होगी कार्रवाई
ABN Bureau
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14 Apr, 2022
•
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टीम एबीएन, रांची। झारखंड पंचायत चुनाव के लिए मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट जारी कर दिया गया है। झारखंड पंचायत चुनाव 14 मई से शुरू चुनाव होने वाले हैं। इस बार 4 चरणों में मतदान कराए जाएंगे। पहले चरण का मतदान 14 मई को होगा। दूसरे चरण का मतदान 19 मई को होगा। वहीं तीसरे चरण का मतदान 24 मई को होगा, जबकि चौथे चरण का मतदान 27 मई को होगा। झारखंड राज्य निर्वाचन आयोग ने पूरे राज्य में चुनाव आचार संहिता लागू कर दी है। राज्य निर्वाचन आयोग ने उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों के लिए विस्तृत निर्देश जारी किया है।
जानें चुनाव आयोग के निर्देश :
• कोई भी उम्मीदवार या राजनैतिक दल ऐसा कोई कार्य नहीं करेगा, जिससे किसी धर्म, संप्रदाय या जाति के लोगों की भावना को ठेस पहुंचे या उनमें विद्वेष या तनाव पैदा हो।
• मत प्राप्त करने के लिए धार्मिक, सांप्रदायिक, जातीय या भाषायी भावनाओं का सहारा नहीं लिया जाना चाहिए।
• कोई भी उम्मीदवार या राजनैतिक दल ऐसा कोई कार्य नहीं करेगा, जिससे किसी धर्म, संप्रदाय या जाति के लोगों की भावना को ठेस पहुंचे या उनमें विद्वेष या तनाव पैदा हो।
• मत प्राप्त करने के लिए धार्मिक, सांप्रदायिक, जातीय या भाषायी भावनाओं का सहारा नहीं लिया जाना चाहिए।
• पूजा या उपासना के किसी स्थल जैसे कि मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर, गुरुद्वारा आदि का उपयोग निर्वाचन प्रचार के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
• किसी प्रत्याशी के व्यक्तिगत जीवन के ऐसे पहलुओं की आलोचना नहीं की जानी चाहिए जिनका संबंध उसके सार्वजनिक जीवन या क्रियाकलापों से हो। न ही ऐसे आरोप लगाए जाने चाहिए जिनकी सत्यता स्थापित न हुई हो।
• किसी प्रत्याशी की आलोचना उसकी नीति और कार्यक्रम पूर्व इतिहास एवं कार्य तक ही सीमित रहनी चाहिए. उसका एवं उसके कार्यकर्ताओं की आलोचना असत्यापित आरोपों पर आधारित नहीं की जानी चाहिए।
• हर व्यक्ति के शांतिपूर्ण घरेलू जीवन के अधिकार का सम्मान किया जाना चाहिए, चाहे उसके विचार कैसे भी क्यों न हों।
• किसी व्यक्ति के कार्याें या विचारों का विरोध करने के लिए प्रत्याशी द्वारा ऐसे व्यक्ति के घर के सामने धरना, नारेबाजी, प्रदर्शन का तरीका अपनाना गलत होगा।
• प्रत्याशी को ऐसे सभी कार्यों से परहेज करना चाहिए जो निर्वाचन कानून के अंतर्गत अपराध हो।
निर्वाचन क्षेत्र में मतदान की समाप्ति के लिए नियत किए गए समय से 48 घंटे पूर्व तक की अवधि के दौरान कोई भी व्यक्ति न तो सार्वजनिक सभा बुलाएगा, न ही आयोजित करेगा और न ही उसमें उपस्थित होगा।
• मतदाताओं को रिश्वत या किसी प्रकार का इनाम देना भी अपराध माना जाएगा।
• मतदान केंद्र के 100 मीटर के अंदर किसी प्रकार का चुनाव प्रचार करना, क्षमा याचना करना। मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाने या ले जाने के लिए वाहनों का उपयोग करना, मतदान केंद्र में या उसके आसपास विश्रृंखल आचरण करना या मतदान अधिकारियों के कार्य में बाधा डालना या उनसे अभद्र व्यवहार करना दंडनीय माना जाएगा।
• मतदाताओं का प्रतिरूपण करना अर्थात गलत नाम से मतदान करने या कराने का प्रयास करना भी प्रतिबंधित रहेगा।
• मतदान के दो दिन पूर्व से लेकर मतदान के दिन तथा उसके अगले दिन सुबह सात बजे तक किसी उम्मीदवार द्वारा न तो शराब खरीदी जाए और न ही उसे किसी को पेश किया जाए।
• किसी भी उम्मीदवार द्वारा किसी भी व्यक्ति की भूमि, भवन, अहाते या दीवार का उपयोग झंडा, बैनर आदि लगाने का कार्य भवन मालिक की लिखित अनुमति के बगैर नहीं किया जाना चाहिए। समर्थकों एवं कार्यकर्ताओं को भी ऐसा नहीं करने देना चाहिए।
• भवन, अहाते या दीवार पर चुनाव प्रचार हेतु नारे लिखना, चुनाव चिह्न पेंट करना या पोस्टर चिपकाने का कार्य मकान मालिक की लिखित सहमति लेने बाद भी नहीं किया जा सकेगा।
कोई भी अभ्यर्थी या उसका समर्थक किसी सार्वजनिक स्थल, भवन, दीवार, खंभे, वृक्ष आदि पर किसी भी प्रकार का झंडा, बैनर, पोस्टर नहीं लगाएगा।
• चुनाव संबंधी प्रचार-प्रसार, नारे, चिह्न आदि नहीं लिखेगा. यदि इस प्रकार का कोई मामला प्रकाश में आता है, तो निर्वाची पदाधिकारी द्वारा उस अभ्यर्थी के विरुद्ध विधि सम्मत त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
किसी भी उम्मीदवार द्वारा उसके पक्ष में लगाये गये झंडे या पोस्टर दूसरे उम्मीदवार के कार्यकर्ताओं द्वारा नहीं हटाये जाने चाहिए।
• मतदाताओं को दी जाने वाली पहचान पर्चियां सादे कागज पर होनी चाहिए और उनमें उम्मीदवार का नाम या चुनाव चिह्न अंकित नहीं होना चाहिए।
• पर्ची में मतदाता का नाम, उसके पिता या पति का नाम, वार्ड क्रमांक, मतदान केंद्र क्रमांक तथा मतदाता सूची में उसके क्रमांक के अलावा और कुछ नहीं लिखा होना चाहिए।
• मतदान शांतिपूर्ण तथा सुचारू रूप से सम्पन्न कराने में निर्वाचन ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग किया जाना चाहिए।
• मतदान केंद्र/ मतगणना केंद्र पर प्राधिकृत अभिकर्ता को बिना बैज या पहचान पत्र के प्रवेश हेतु अनुमति नहीं दिया जाना चाहिए।
• सरकारी/ अर्द्धसरकारी परिसदनों, विश्रामगृहों, डाक बंगलों या अन्य आवासों का उपयोग चुनाव कार्य के लिए किसी भी उम्मीदवार या उसके समर्थक द्वारा नहीं किया जाएगा।
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