टीम एबीएन, रांची। चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन और जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने झारखंड सरकार और इस मामले से जुड़े सभी स्टेकहॉल्डरों को जांच में सीबीआई को सहयोग करने का निर्देश दिया है। राष्ट्रीय खेल के आयोजन के दौरान मेगा स्पोर्ट्स कांपलेक्स और खेल सामग्री की खरीद में 28.34 करोड़ का घोटाला किए जाने की शिकायत को लेकर झारखंड हाईकोर्ट में कई जनहित याचिकाएं दायर की गयी थीं। इस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह निर्देश दिया। मामले में एसीबी ने झारखंड ओलंपिक संघ के अध्यक्ष आरके आनंद, पूर्व मंत्री बंधु तिर्की, तत्कालीन खेल निदेशक पीसी मिश्र समेत झारखंड ओलंपिक संघ के कई सदस्यों को आरोपी बनाते हुए प्राथमिकी दर्ज की है। अदालत ने राज्य सरकार को सीबीआई को सभी संसाधन और मामले से जुड़ी सभी फाइल उपलब्ध कराने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि अगर राज्य सरकार की ओर से कमी की जाती है तथा किसी पक्ष द्वारा सहयोग नहीं किया जाए या बाधा पहुंचायी जाए, तो सीबीआई इसकी जानकारी हाईकोर्ट को दे। अदालत इस पर आदेश पास करेगी। अदालत ने सीबीआई को इस बात की भी जांच करने का निर्देश दिया है कि एसीबी के किन अधिकारियों के चलते जांच में देरी हुई है।
12 साल में भी जांच पूरी नहीं कर सकी एसीबी : एसीबी इस मामले की जांच 12 साल में भी पूरा नहीं कर सकी। सुनवाई के दौरान अदालत को प्रार्थियों की ओर खेल उपकरण खरीदारी और मेगा स्पोर्ट्स कांप्लेक्स बनाने में हुए घोटाले का मुद्दा उठाया गया। अदालत को बताया कि मामले में एसीबी भेदभाव कर रहा है। इस मामले में कई वरीय पुलिस अधिकारी भी शामिल है, लेकिन उनके खिलाफ अभी तक कोई जांच नहीं की गई है। इनके खिलाफ पुलिस जांच कर भी नहीं सकती है, इसलिए इस मामले को सीबीआई को सौंप जाना चाहिए। घोटाले में दूसरे राज्य के लोग भी शामिल हैं। इस दौरान महाधिवक्ता की ओर से कहा गया कि मामले में पांच चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। अन्य आरोपियों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया है। जल्द ही इस मामले की जांच पूरी कर ली जाएगी।
एसीबी ने इन्हें बनाया है मुख्य आरोपी : झारखंड ओलंपिक संघ के अध्यक्ष और राष्ट्रीय खेल आयोजन समिति के अध्यक्ष आरके आनंद, कोषाध्यक्ष मधुकांत पाठक, निदेशक पीसी मिश्रा, महासचिव एसएम हासमी एचएल दास और सुविमल मुखोपाध्याय। खेल घोटाले में एसीबी ने आरके आनंद, बंधु तिर्की, पीसी मिश्रा, एसएम हाशमी पर लगे आरोप एसीबी जांच में सही पाए गए और सरकार की सहमति पर इनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया जा चुका है। फिलहाल इस मामले की सुनवाई एसीबी कोर्ट में चल रही है। कुछ दिन पहले ही झारखंड हाईकोर्ट ने एफआईआर रद्द करने के आरके आनंद की अर्जी को खारिज भी कर दिया था।