टीम एबीएन, रांची। चारा घोटाला के सबसे बड़े मामले डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रुपए की अवैध निकासी में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को सोमवार को पांच साल की सजा सुनाई गई। साथ ही 60 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। रांची में CBI के विशेष जज एसके शशि ने सजा का ऐलान किया। बहस की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। लालू यादव के वकील प्रभात कुमार ने बताया कि पूरी कार्रवाई के दौरान लालू प्रसाद चुपचाप बहस देख रहे थे। उन्होंने कुछ भी नहीं कहा। सजा के ऐलान के पहले लालू की तबीयत और बिगड़ गई थी। उनका ब्लड प्रेशर और शुगर लेवल बढ़ गया है। सुबह लालू यादव का ब्लड शुगर 160 पहुंच गया जो सामान्य स्थिति में खाली पेट में 110 होना चाहिए। दूसरी ओर उनका ब्लड प्रेशर 150/ 70 हो पहुंच गया है। डॉक्टर ने बताया की सजा की सुनवाई होने से पहले लालू यादव सुबह से ही काफी तनाव में थे। इस कारण उनका बीपी और ब्लड शुगर अनियंत्रित था। इलाज कर रहे डॉक्टर विद्यापति ने बताया कि सुबह लालू से जब मुलाकात हुई तो वह काफी तनाव में दिखे और तबीयत के बारे में पूछा गया तो काफी मायूस होकर उन्होंने जवाब दिया। लालू प्रसाद की ओर से सीबीआई कोर्ट में मेडिकल ग्राउंड के आधार पर गुहार लगाई गई थी। लालू प्रसाद के अधिवक्ता प्रभात कुमार समेत दूसरे अधिवक्ताओं ने कोर्ट से यह अपील की है कि लालू प्रसाद समेत सभी दोषी करार दिए गए आरोपी 75 से 85 वर्ष के हैं और कई गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं। इसलिए कम से कम सजा दी जाए। कोर्ट इस मामले में आज दिन के डेढ़ बजे सजा के बिंदु पर फैसला सुनायी।