कानून व्यवस्था
चारा घोटाला : लालू की चाल सफल, गवाहों की संख्या बढ़वाकर केस 25 साल खींच दिया, पढ़ें सजा पाने वालों का पूरा ब्यौरा
ABN Bureau
•
16 Feb, 2022
•
22 मिनट में पढ़ें
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टीम एबीएन, रांची। डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रुपये की अवैध निकासी से जुड़े चारा घोटाले के सबसे बड़े मामले आरसी 47ए/96 में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री सह राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद समेत 75 अभियुक्तों को सीबीआई की विशेष अदालत ने मंगलवार को दोषी करार दिया। विशेष न्यायाधीश एसके शशि ने दोषी करार चार महिला समेत 34 अभियुक्तों को तीन-तीन साल की सजा के साथ दो लाख रुपये तक जुर्माना किया है। वहीं अदालत ने दोषी करार लालू प्रसाद, डॉ. आरके राणा समेत 41 अभियुक्तों की सजा के बिन्दु पर सुनवाई की तारीख 21 फरवरी निर्धारित की है। सजा के बिन्दु पर सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी। जबकि ट्रायल फेस कर रहे छह महिला आरोपी समेत 24 आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में अदालत ने बरी कर दिया। मामले में कुल 10 महिला समेत 99 अभियुक्त मुकदमे का सामना कर रहे थे। अदालत ने तीन स्तरों में फैसला सुनाया। अदालत ने सबसे पहले अभियुक्तों का नाम पुकारा। इसके बाद पहले स्तर में 24 आरोपियों को बरी करनेवाले का नाम पढ़ा। दूसरे स्तर में तीन साल की सजा पानेवालों नाम पढ़ा गया। तीसरे स्तर में शेष बचे 41 अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में लेकर जेल भेजने का निर्देश दिया। बता दें लालू प्रसाद चारा घोटाले के पांचवें मामले में भी दोषी पाए गए हैं। इससे पूर्व चारा घोटाले को अन्य चार मामलों में भी दोषी पाकर अदालत ने साढ़े तीन साल से लेकर 14 साल तक सजा सुनाई थी। वर्तमान में उन मामलों में आधी सजा काटने के बाद जमानत पर चल रहे हैं।
अदालत ने लालू समेत 41 को दोषी पाकर भेजा जेल :
लालू प्रसाद - बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री
डॉ. आरके राणा - पूर्व विधायक सह
बेक जूलियस - पूर्व पशुपालन सचिव
नित्या नंद कुमार सिंह - पूर्व बजट एवं लेखा पदाधिकारी, पटना
महेंद्र प्रसाद - पूर्व ट्रेजरी अधिकारी, डोरंडा रांची
देवेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव - सहायक आयुक्त, (कॉमर्शियल टैक्स) पटना
राम सेवक साहू - स्क्रूटिनी क्लर्क डोरंडा कोषागार
डॉ. राधा रमन सहाय - पूर्व आहरण एवं संवितरण अधिकारी, एएचडी, रांची
डॉ. कृष्ण मोहन प्रसाद - पूर्व सहायक निदेशक(प्लानिंग), एएचडी, रांची
डॉ जूनुल भेंगराज - पूर्व क्षेत्रीय निदेशक, एएचडी, रांची
डॉ बृज नंदन शर्मा - पूर्व जिला पशुपालन पदाधिकारी, चाईबासा
डॉ. राम प्रकाश राम - पूर्व जिला पशुपालन पदाधिकारी, पलामू व जमशेदपुर
डॉ. जसबंत सहाय - पूर्व सहायक निदेशक, चाईबासा
डॉ. रवींद्र कुमार सिंह - पूर्व टीवीओएम चाईबासा
डॉ. प्रभात कुमार सिन्हा - पूर्व टीवीओएम, डालटेनगंज
डॉ. ललितेश्वर प्रसाद यादव - पूर्व मैनेजर, पीबीएफ-20, होटवार
डॉ. कृष्ण बिहारी लाल - पूर्व मैनेजर, आरपीएफ होटवार
डॉ. अजित कुमार सिन्हा - पूर्व सहायक फार्म मैनेजर, होटवार
डॉ. चंदेर किशोर लाल - पूर्व सहायक प्रबंधक, होटवार
डॉ. बिरसा उरांव - पूर्व सहायक फार्म मैनेजर, होटवार
डॉ. शिव नंदन प्रसाद - सहायक निदेशक (पोल्ट्री) जमशेदपुर
डॉ. अर्जुन शर्मा - सहायक निदेशक (पोल्ट्री) चाईबासा
डॉ. मुकेश कुमार श्रीवास्तव - सहायक निदेशक (पोल्ट्री) चाईबासा
डॉ. बृज नंदन प्रसाद वर्मा - सहायक निदेशक, पोल्ट्री फार्म, होटवार
डॉ. नलिन रंजन प्रसाद सिन्हा - पूर्व फार्म मैनेजर, होटवार
डॉ. कमल किशोर शर्मा - पूर्व सहायक निदेशक(पोल्ट्री) खूंटी
रवि नंदन कुमार सिन्हा - मेसर्स ए ट्रेडर्स पटना
मो. सईद - मेसर्स एमएस इंटरप्राइजेज रांची
जगमोहन लाल कक्कड़ - मेसर्स नवकेतन इंटरप्राइजेज रांची
मोहिंदर सिंह बेदी - मेसर्स सेमेक्स क्रिजेनिक्स, दिल्ली
दयानंद प्रसाद कश्यप - मेसर्स वैष्णव इंटरप्राइजेज, रांची
सुरेश कुमार दुबे - मेसर्स छोटानागपुर वेटरिनरी इंटरप्राइजेज, रांची
उमेश दुबे - मसर्स जय भंडार एंड सप्लाइ, बिहार
राजेश मेहरा - मेसर्स वीकेसी ट्रेडर्स, रांची
डॉ. बिजयेश्वरी प्रसाद सिन्हा - मेसर्स एकता वेटेरिनरी वर्क, रांची
त्रिपुरारी मोहन प्रसाद - मेसर्स बिहार सरजिको मेडिको एजेंसी, पटना
बाल कृष्ण शर्मा - श्री गौरी एजेंसी, भागलपुर
डॉ. अजित वर्मा - मेसर्स लिटल ओक फार्मास्युटिकल, कोलकाता
रवि कुमार मेहरा - मेसर्स अरके इंटरप्राइजेज, रांची
महेंद्र कुमार कुंदन - मेसर्स कृष्णा ट्रेडर्स, रांची
राजेंद्र कुमार हरित - मेसर्स पूजा रोडलाइन, रांची
अदालत ने 34 आरोपियों को तीन-तीन साल कैद की सजा सुनाई, लेकिन अपील करने के लिए सभी को जमानत की सुविधा प्रदान की गई है।
ध्रुव भगत - पूर्व एमएलए सह अध्यक्ष पीएसी
जगदीश शर्मा - पूर्व विधायक सह पीएसी अध्यक्ष
अधीप चंद्र चौधरी - पूर्व आयकर आयुक्त, रांची
परमेश्वर प्रसाद यादव - प्रोगेसिव सहायक (सांख्यिकीविद्), रांची
डॉ. गौरी शंकर प्रसाद - पूर्व जिला पशुपालन पदाधिकारी, रांची
डॉ. जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव - पूर्व प्रोजेक्ट अधिकारी, खूंटी
सुरेंद्र कुमार सिंह - पूर्व टूरिंग वेटनरी अधिकारी, डालटेनगंज
डॉ. शशि भूषण वर्मा - पूर्व टीवीओएम, लोहरदगा
डॉ. शैलेंद्र कुमार सिन्हा - पूर्व टीबीओएम, चाईबासा
डॉ. राकेश कुमार सिन्हा - पूर्व टूरिंग वेटनरी अधिकारी, जमशेदपुर
डॉ. राजेंद्र बैठा - पूर्व सब-डिवीजनल पशुपालन पदाधिकारी, सरायकेला
डॉ. रामाशिष सिंह - पूर्व प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी
डॉ. उमा कान्त यादव - पूर्व मैनेजर, सूअर विकास यूनिट-10, होटवार
डॉ. राम किशोर शर्मा - चलंत पशुचिकित्सक, जमशेदपुर
डॉ. राम नाथ राम - पूर्व सब-डिवीजनल, पशुपालन पदाधिकारी, चक्रधरपुर
अशोक कुमार यादव - मेसर्स अशोक कुमार एंड ब्रदर्स रांची
मो. तौहीद - - मेसर्स छोटानागपुर कटल फूड सप्लाई, रांची
अभय कुमार सिन्हा - मेसर्स पीएन इंटरप्राइजेज, रांची
श्याम नंदन सिंह - मेसर्स श्याम इंडसट्रीज, रांची
नंद किशोर प्रसाद - मेसर्स त्रिशुल इंटरप्राइजेज, रांची
संदीप मल्लिक - मेसर्स हिन्दुस्तान लाइव स्टोक एजेंसी, दिल्ली
सरस्वती चंद्र - मेसर्स एसआर इंटरप्राइजेज, पटना
सुनिल कुमार सिन्हा - मेसर्स श्री बाबा केमिकल वर्क, पटना
सुशील कुमार सिन्हा - मेसर्स समर्पन वेटेरिनरी इंटरप्राइजेज, पटना
राकेश गांधी उर्फ सुनिल गांधी - मेसर्स मगध डिस्ट्रीब्यूर्टस,पटना
शरद कुमार - मेसर्स मेडवेट रांची
नयन रंजन - मेसर्स नयन फार्मा, पटना
सुलेखा देवी - मेसर्स श्री शंकर मेडिकल एजेंसी
मदन मोहन पाठक - मेसर्स स्वर्णरेखा मेडिकल एजेंसी, रांची
संजय कुमार - मेसर्स हिन्दुस्तान फार्मास्युटिकल पटना
मंजु बाला जायसवाल - मेसर्स आरके भगत रांची
रबीन्द्र प्रसाद - मेसर्स मगध केमिकल कारपोरेशन, पटना
राम नंदन सिंह - मेसर्स एग्रोवेट सेल्स एंड सर्विस, रांची
राजन मेहता - मेसर्स एशियन ब्रीडर्स, नई दिल्ली
अदालत ने साक्ष्य के अभाव में जिन्हें बरी किया :
1. एनुल हक - एकाउंटेंट, डोरंडा कोषागार।
2. राजेंद्र पांडेय - एकाउंटेंट डोरंडा कोषागार।
3. साकेत बिहारी लाल - स्क्रूटिनी क्लर्क डोरंडा।
4. दीना नाथ सहाय - स्क्रूटिनी क्लर्क।
5. डॉ. कामेश्वर प्रसाद यादव - पूर्व सहायक पोल्ट्री अधिकारी, रांची।
6. सनाउल हक - मेसर्स छोटानागपुर कटल फूड सप्लाई, रांची।
7. मो. इकराम - मेसर्स छोटानागपुर कटल फूड सप्लाई, रांची।
8. मो. हुसैन - - मेसर्स छोटानागपुर कटल फूड सप्लाई, रांची।
9. सैरूनिशा - - मेसर्स छोटानागपुर कटल फूड सप्लाई, रांची।
10. कलशमणि कश्यप - मेसर्स वैष्णव इंटरप्राइजेज, रांची
11. बलदेव साहू - मेसर्स वैष्णव इंटरप्राइजेज, रांची।
12. रंजीत सिन्हा - मेसर्स आर कारपोरेशन, रांची।
13. अनिल कुमार सिन्हा - मेसर्स एमपी प्राइवेट लि. पटना।
14. निर्मला प्रसाद - मेसर्स मडिवेट, रांची।
15. कुमारी अनिता प्रसाद - मेसर्स मेडिवेट रांची।
16. रामावतार शर्मा - मेसर्स तिरूपति एजेंसी, पटना।
17. रामा शंकर सिंह - मेसर्स इंटर फार्मास्युटिकल, पटना।
18. बसंत कुमार सिन्हा - मेसर्स इंटर फार्मास्युटिकल, पटना।
19. सुनिल कुमार श्रीवास्तव - मेसर्स क्यू-मैक्स लेबोरेटरीज, नासिक।
20. चंचला सिन्हा - मेसर्स मगध केमिकल कारपोरेशन, पटना
21. प्रांति सिंह - मेसर्स अग्रोवेट इंडस्ट्रीज, रांची।
22. हरिश खन्ना - मेसर्स एशियन ब्रीडर्स, नई दिल्ली
मधु मेहता -मेसर्स एशियन ब्रीडर्स, नई दिल्ली।
जेल अधीक्षक तय करेंगे की लालू का इलाज रिम्स या जेल में
रांची। चारा घोटाले में दोषी करार दिए जाने के बाद लालू प्रसाद, डॉ आरके राणा एवं डॉ केएम प्रसाद की ओर से खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए अदालत में आवेदन दिया गया। अदालत ने दोपहर बाद दो बजे आवेदन पर सुनवाई करते हुए जेल अधीक्षक को परिस्थिति के अनुसार चिकित्सक सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। अर्थात् जेल प्रशासन अब तय करेगा कि लालू प्रसाद को बेहतर इलाज के लिए रिम्स भेजा जाए या जेल में ही उनका इलाज होगा।
लालू को पांच में से पांचों केस में दोषी व सजा :
1. आरसी 20ए/96, चाईबासा ट्रेजरी का पहला केस : 37.70 करोड़ रुपये की अवैध निकासी मामले में 30 सितंबर 2013 को कोर्ट ने लालू प्रसाद को दोषी ठहराया। एक अक्तूबर 2013 को पांच साल जेल की सजा हुई। 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।
2. आरसी 64ए/96, देवघर ट्रेजरी केस : लगभग 90 लाख रुपये की अवैध निकासी मामले में 23 दिसंबर 2017 को दोषी करार। 6 जनवरी 2018 को लालू समेत 16 आरोपियों को साढ़े तीन साल जेल की सजा सुनाई गई। लालू पर 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
3. आरसी 68ए/96, चाईबासा ट्रेजरी का दूसरा केस : 33.61 करोड़ रुपये की अवैध निकासी मामले में 24 जनवरी 2018 को लालू दोषी करार। इसी दिन उन्हें पांच साल की सजा सुनाई गई। 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
4. आरसी 38ए/96, दुमका ट्रेजरी केस : 3.31 करोड़ रुपये की अवैध निकासी मामले में 19 मार्च 2018 को लालू प्रसाद को दोषी पाया गया। 24 मार्च 2018 को लालू को 7-7 साल की सजा सुनाई गई। दोनों सजाएं अलग-अलग चलेगी। यानी कुल 14 साल की सजा हुई। साथ में 60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
5. आरसी 47ए/96, डोरंडा ट्रेजरी केस : 139.35 करोड़ रुपये की अवैध निकासी मामले में 15 फरवरी 2022 को लालू प्रसाद दोषी करार। सजा के बिन्दु पर सुनवाई 21 फरवरी को होगी।
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