टीम एबीएन, रांची। चारा घोटाले के चार विभिन्न मामलों में 14 वर्ष तक की कैद की सजा पा चुके राजद के प्रमुख लालू प्रसाद यादव की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। रांची के डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रुपए के गबन से जुड़े पांचवें और अंतिम मामले में लालू यादव सहित कुल 99 आरोपियों के खिलाफ सीबीआई की विशेष अदालत में शनिवार को बहस पूरी हो गई। सीबीआई के विशेष न्यायाधीश एस के शशि ने इस मामले में फैसला सुनाने के लिए 15 फरवरी की तारीख निर्धारित की है। सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक बीएमपी सिंह ने बताया कि फैसले के दिन सभी आरोपियों को अदालत में निजी तौर पर उपस्थित रहने का आदेश दिया गया है। चारा घोटाले में डोरंडा कोषागार से 139.35 करोड़ रुपए की अवैध निकासी से जुड़े मामले में प्रारंभ में 170 आरोपी बनाए गए थे। इसमें से 55 आरोपियों की मौत हो गई। मामले में 7 लोगों को सीबीआई ने सरकारी गवाह बनाया। वहीं, 6 आरोपी अब भी फरार हैं। इस मामले में लालू प्रसाद, पूर्व सांसद जगदीश शर्मा, पशुपालन विभाग के सहायक निदेशक केएम प्रसाद समेत अन्य मुख्य आरोपी हैं। इससे पहले, चारा घोटाले के 4 अन्य मामलों में लालू प्रसाद को दोषी ठहराया जा चुका है और उन्हें विभिन्न मामलों में 14 वर्ष तक की कैद एवं 60 लाख रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। पहले के चार मामलों में लालू यादव को उच्च न्यायालय से जमानत मिल चुकी है और वर्तमान में वह जमानत पर हैं।