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झारखंड : वर्षों से अनुपस्थित 631 डॉक्टर होंगे बर्खास्त

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झारखंड : वर्षों से अनुपस्थित 631 डॉक्टर होंगे बर्खास्त
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कार्रवाई की तैयारी, सेवामुक्त करने की प्रक्रिया शुरू

वर्ष 1990 से 2023 के बीच नियुक्त डॉक्टरों का मामला

कार्यस्थल पर योगदान नहीं देने और अनुपस्थित रहने वालों को किया जा रहा चिह्नित 

टीम एबीएन, रांची। झारखंड में वर्ष 1990 और उसके बाद के वर्षों में नियुक्त ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है, जिन्होंने नियुक्ति के बाद अपने कार्यस्थल पर योगदान नहीं दिया है या लंबे समय से अनुपस्थित हैं। विभागीय स्तर पर ऐसे 631 डॉक्टरों को चिह्नित किया गया है। विभाग इन मामलों की समीक्षा कर नियमानुसार सेवामुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है। 

विभागीय स्तर पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्षवार ऐसे डॉक्टरों की संख्या इस प्रकार है। वर्ष 1988 में नियुक्त 1 डॉक्टर, 1990 में नियुक्त 16 डॉक्टर, वर्ष 1997 में नियुक्त 2 डॉक्टर, वर्ष 2000 में नियुक्त 7 डॉक्टर, वर्ष 2009 में नियुक्त 308 डॉक्टर, वर्ष 2012 में नियुक्त 65 डॉक्टर, वर्ष 2013 में नियुक्त 38 डॉक्टर, वर्ष 2015 में नियुक्त 124 डॉक्टर, वर्ष 2020 में नियुक्त 37 डॉक्टर, वर्ष 2021 में नियुक्त 17 डॉक्टर तथा वर्ष 2023 में नियुक्त 16 डॉक्टर अपने निर्धारित कार्यस्थल पर नहीं पाये गये।

ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ पूर्व में भी कार्रवाई की जा चुकी है। वर्ष 2025 में झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के माध्यम से नियुक्त ऐसे 86 मेडिकल आॅफिसर और 57 स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की सेवा समाप्त कर दी गयी थी, जिन्होंने नियुक्ति के बाद योगदान नहीं दिया था। इस वर्ष भी 631 ऐसे डॉक्टरों को चिह्नित किया गया है, जिन्होंने नियुक्ति के बाद योगदान नहीं दिया है या अपने निर्धारित कार्यस्थल से अनुपस्थित हैं। स्वास्थ्य विभाग इन मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ा रहा है। 

स्वास्थ्य विभाग की इस पहल का उद्देश्य सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है। विभागीय पहल के तहत रिक्त पदों पर झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के माध्यम से नए डॉक्टरों की नियुक्ति करने की दिशा में भी कार्रवाई की जायेगी, ताकि सरकारी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को नियमित रूप से चिकित्सा सेवाएं मिल सकें। 

स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में डॉक्टरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकार का उद्देश्य है कि राज्य के प्रत्येक सरकारी अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिले। नियुक्ति के बाद कार्यस्थल पर योगदान नहीं देना या बिना उचित कारण अनुपस्थित रहना गंभीर विषय है। ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी। जहां पद रिक्त होंगे, वहां नए डॉक्टरों की नियुक्ति की दिशा में भी कदम उठाये जायेंगे, ताकि मरीजों को इलाज के लिए परेशान न होना पड़े। 

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