बैंकिंग से लेकर, आधार, एलपीजी तक बदल जायेंगे कई नियम, आपकी जेब पर पड़ेगा असर
एबीएन सेंट्रल डेस्क। जून का महीना खत्म होने के साथ ही एक जुलाई से देश में कई अहम नियमों में बदलाव लागू हो जायेंगे। इन बदलावों का सीधा असर नौकरीपेशा लोगों, पेंशनभोगियों, टैक्सपेयर्स, बैंक ग्राहकों और आम यात्रियों की जेब पर पड़ेगा।
आधार से जुड़े नियम
1 जुलाई आधार में ई-मेल आईडी अपडेट कराना और आसान होगा। यूआईडीएआई ने जानकारी दी है की आधार मोबाइल ऐप के जरिए ई-मेल अपडेट करने पर लगने वाला 75 रुपये का चार्ज अगले छह महीने तक नहीं लिया जायेगा। इस कदम का उद्देश्य आधार डाटा को अपडेट रखना और डिजिटल सर्विसेस तक पहुंच बढ़ाना है।
रेलवे यात्रियों के लिए सख्त नियम
रेलवे में बिना टिकट यात्रा करने पर जुर्माना बढ़ाया जा सकता है। केंद्र सरकार के प्रस्ताव के अनुसार, बिना टिकट सफर करने पर न्यूनतम जुर्माना 250 से बढ़ाकर 500 किया जा सकता है। इसके अलावा किसी दूसरे व्यक्ति के टिकट पर यात्रा करना, ट्रेन में हंगामा करना, भीख मांगना, अवैध फेरी लगाना या महिलाओं के लिए आरक्षित कोच में सफर करने जैसी गलतियों पर भी भारी जुर्माना लग सकता है।
एफडी के नियमों में बदलाव
जुलाई की शुरुआत के साथ फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) से जुड़े नियमों और ब्याज दरों में बदलाव देखने को मिल सकता है। बैंक समय-समय पर अपनी एफडी दरों की समीक्षा करते हैं और बाजार की स्थिति के अनुसार इनमें बदलाव करते हैं। ऐसे में निवेशकों को नयी एफडी कराने या पुरानी एफडी को रिन्यू कराने से पहले बैंक की ताजा ब्याज दरों और नियमों को चेक जरूर कर लेना चाहिए।
क्रेडिट कार्ड से जुड़ा नियम
एसबीआई कार्ड अपने कुछ क्रेडिट कार्डों के रिवॉर्ड पॉइंट नियमों में बदलाव करने जा रहा है। यह बदलाव खास तौर पर फोनपे एसबीआई क्रेडिट कार्ड पर्पल और फोनपे एसबीआई क्रेडिट कार्ड सेलेक्ट ब्लैक कार्डधारकों पर लागू होगा। नये नियमों के तहत रिवॉर्ड पॉइंट कमाने की सीमा तय की जायेगी और कुछ अतिरिक्त प्रकार के लेनदेन पर रिवॉर्ड पॉइंट नहीं मिलेंगे।
एलपीजी के दामों में बदलाव संभव
घरेलू रसोई गैस के दाम हाल ही में बढ़ाये गये थे और जुलाई में भी कीमतों में बदलाव की संभावना बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार और सप्लाई स्थिति के आधार पर एलपीजी दरों में उतार-चढ़ाव हो सकता है।
पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव
ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव के कारण पेट्रोल-डीजल के दामों में बदलाव संभव है। हाल के महीनों में कई बार ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गयी है।
एविएशन फ्यूल और निर्यात शुल्क
सरकार ने हाल ही में डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) के निर्यात शुल्क में बदलाव किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति के अनुसार आने वाले समय में एटीएफ की कीमतों में भी संशोधन संभव है।