पश्चिम बंगाल में राज्यपाल ने भंग की विधानसभा, ममता के इस्तीफा नहीं देने के बाद लिया एक्शन
एबीएन सेंट्रल डेस्क। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने गुरुवार को बंगाल विधानसभा का भंग कर दिया है। विधानसभा चुनाव में बीजेपी को बहुमत मिला है। बहुमत के बाद ममता बनर्जी ने चुनाव में वोट चोरी का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था।
इसके मद्देनजर 2026 के चुनाव प्रक्रिया के पूरा होने के बाद पश्चिम बंगाल के मौजूदा गवर्नर आरएन रवि ने एक बड़ा कदम उठाया है। विधानसभा भंग कर दिये जाने के बाद ममता बनर्जी अब स्वाभाविक रूप से राज्य की मुख्यमंत्री नहीं रहीं।
भारत के संविधान के आर्टिकल 174 के क्लॉज (2) के सब-क्लॉज के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा को भंग करने का आदेश दिया है। यह घोषणा बुधवार, 6 मई, 2026 को पब्लिश हुए एक स्पेशल गजट नोटिफिकेशन में की गई। सरकार के पार्लियामेंट्री अफेयर्स डिपार्टमेंट द्वारा जारी इस निर्देश के अनुसार, मौजूदा विधानसभा 7 मई, 2026 से औपचारिक रूप से भंग हो जायेगी।
गवर्नर आरएन रवि के साइन किए हुए इस आॅर्डर को राज्य के चीफ सेक्रेटरी दुष्यंता नरियाला (कअर) ने जनहित में प्रकाशित किया। आम तौर पर चुनावों के बाद नई सरकार के आॅफिस संभालने से पहले पुरानी असेंबली को भंग करना एक संवैधानिक प्रैक्टिस है।
इस आॅर्डर से 17वीं विधानसभा का टर्म खत्म हो गया है और नए चुने हुए रिप्रेजेंटेटिव के साथ 18वीं लेजिस्लेटिव असेंबली के बनने का रास्ता साफ हो गया है। उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में नई कैबिनेट का शपथ ग्रहण समारोह और नई लेजिस्लेटिव असेंबली का पहला सेशन बुलाने का प्रोसेस शुरू हो जायेगा।