हाई कोर्ट ने सीबीआई कोर्ट के फैसले को किया खारिज
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के पूर्व मंत्री एनोस एक्का को हाई कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। एनोस एक्का पर छोटा नागपुर काश्तकारी (सीएनटी) अधिनियम के उल्लंघन मामले में कथित भूमि अधिग्रहण मामले में जमानत दे दी गयी है। वहीं एनोस एक्का को सुनायी गयी सात साल कैद की सजा निलंबित कर दी।
जो भ्रष्टाचार मामले उइक कोर्ट द्वारा में सुनायी गयी थी। हालांकि हाई कोर्ट ने भूमि अधिग्रहण मामले में एक्का से आदिवासियों की जमीन को उनके मूल स्वरूप में बहाल करने में सहयोग करने के लिए एक हलफनामा दाखिल करने को कहा है।
एनोस एक्का को सीबीआई कोर्ट ने 7 साल की कठोर सजा सुनायी थी
शीर्ष अदालत झारखंड हाई कोर्ट दिसंबर 2025 के उस आदेश के खिलाफ एक्का की अपील पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली उनकी याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया गया था कि प्रथमदृष्टया सजा निलंबन का कोई मामला नहीं बनता है। इससे पहले रांची में सीबीआई अदालत ने 30 अगस्त 2025 को पूर्व मंत्री को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अपराधों के लिए सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनायी थी।
न्यायमूर्ति विक्रमनाथ और न्यायमूर्ति संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि 2008 के एक मामले में एक्का के खिलाफ दो अलग-अलग आरोपपत्र दाखिल किये गये थे, जिनमें कहा गया था कि एक्का और एक अन्य पूर्व मंत्री ने आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति अर्जित की थी।
एक्का पर क्या था आरोप
सीबीआई के अनुसार, एक्का और अन्य लोगों ने रांची जिले में आदिवासी भूमि पर अवैध रूप से कब्जा करने के लिए फर्जी पते दिये थे। उन्होंने ऐसा करते हुए अनुसूचित जनजातियों के अधिकारों की रक्षा के लिए बनाए गए सीएनटी अधिनियम के प्रावधानों को दरकिनार कर दिया था।