रांची जमीन घोटाला
टीम एबीएन, रांची। रांची जमीन घोटाले मामले में ईडी ने जमीन माफिया शेखर कुशवाहा सहित तीन पर शनिवार को पीएमएलए की विशेष अदालत में चार्जशीट दायर कर दिया है। शनिवार की दोपहर जमीन घोटाला मामले के अनुसंधानकर्ता ईडी के डिप्टी डायरेक्टर देवव्रत झा ने चार्जशीट दायर किया।
आपको बता दें कि जिन तीन लोगों पर चार्जशीट दायर किया गया है उनमें से मात्र शेखर कुशवाहा को एजेंसी के द्वारा गिरफ्तार किया गया है।
जानकारी के अनुसार जिन अन्य दो आरोपियों को एजेंसी ने चार्जशीट किया है उनकी गिरफ्तारी अब तक नहीं हो पाई है। आरोप पत्र दायर होने के बाद जल्द ही अदालत तीनों चार्जशीटेड आरोपियों को ऊपर संज्ञान लेगा।
4.83 एकड़ जमीन का फर्जी दस्तावेज बनाने में भूमिका
ईडी की जांच में यह बात सामने आया था कि शेखर कुशवाहा ने अपने सहयोगी प्रियरंजन सहाय, विपिन सिंह, इरशाद अंसारी, अफसर अली समेत अन्य के साथ मिलकर सरकारी कर्मी भानु प्रताप प्रसाद की मिलीभगत से 1971 का फर्जी डीड बनाया था। ईडी के चार्जशीट में सभी बातों का जिक्र किया गया है साथ ही मौजूद साक्ष्य भी उपलब्ध करवाये गये हैं।
ईडी जांच के अनुसार बड़गाईं अंचल के तत्कालीन अंचल राजस्व उपनिरीक्षक भानु प्रताप के साथ मिलकर शेखर ने बरियातू की 4.83 एकड़ की जमीन के रैयत जितुआ भोक्ता का नाम बदल कर समरेंद्र चंद्र घोषाल के नाम की एंट्री कर गैरमजरूआ जमीन को सामान्य खाते की जमीन में बदल दिया था। इसके बाद 22.61 करोड़ की जमीन को 100 करोड़ से अधिक कीमत में बेचने की तैयारी थी। ईडी गिरोह के सभी सदस्यों को पूर्व में ही जेल भेज चुकी है।
सबकी अलग-अलग भूमिका
ईडी ने अफसर अली समेत सात आरोपियों के यहां 13 अप्रैल 2023 को छापा मारा था। तब सभी को गिरफ्तार किया गया था। वहीं चेशायर होम रोड में जमीन के कागजात तैयार करने को लेकर विपिन सिंह, प्रिय रंजन सहाय और शेखर कुशवाहा, बजरा जमीन को लेकर जमशेदपुर निवासी रवि सिंह भाटिया और श्याम सिंह के यहां 26 अप्रैल को छापेमारी हुई थी।
रवि सिंह भाटिया और श्याम सिंह के नाम पर मार्च 2021 में चार रजिस्ट्री डीड के जरिए खाता नंबर 140 की रजिस्ट्री फर्जी डीड पर हुई थी। इस जमीन का 82 सालों का लगान रसीद एक ही दिन में तत्कालीन डीसी छवि रंजन के आदेश पर काटा गया था।