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झारखंड

मानवता की सेवा पुलिस का पहला धर्म : वीरेंद्र तिवारी

मानवता की सेवा पुलिस का पहला धर्म : वीरेंद्र तिवारी
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  • मोटर दुर्घटना से संबंधित एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

टीम एबीएन, कोडरमा। जिला विधिक सेवा प्राधिकार कोडरमा के तत्वाधान में  रविवार को डीपीआरसी भवन परिंदा कोडरमा में मोटर दुर्घटना मुआवजा से संबंधित एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कोडरमा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह  वीरेंद्र कुमार तिवारी एवं विशिष्ट अतिथि जिला जज प्रथम मोहम्मद गुलाम हैदर, अनुमंडल प्राधिकारी रिया सिंह , झारखंड उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद कुमार लाल, अनुमंडल पुलिस प्राधिकारी जीत वाहन उरांव, कोडरमा जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जगदीश सलूजा, महासचिव मनीष कुमार सिह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। 

कार्यशाला में उपस्थित व्यवहार न्यायालय कोडरमा के न्यायिक प्राधिकारी, पुलिस पदाधिकारी व अधिवक्तागंन, मोटर दुर्घटना मुआवजा अधिनियम से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त किये। मौके पर प्रधान जिला जज वीरेंद्र कुमार तिवारी ने कहा कि मानवता की सेवा ही पुलिस का सबसे पहला धर्म है। जिसका पालन पुलिस पदाधिकारी को पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी पूर्वक करना चाहिए। 

उन्होंने पुलिस पदाधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि मोटर दुर्घटना मुआवजा अधिनियम से संबंधित आदतन जानकारी प्राप्त कर पीड़ितों को लाभ दिलाने की दिशा में सतत प्रयत्नशील रहे। प्राधिकार उन्हें हर संभव सहायता देने के लिए संकल्पित है। कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला जज प्रथम गुलाम हैदर ने कहा कि दुर्घटना के शिकार व्यक्तियों को मदद करने में पुलिस का दायित्व सबसे अधिक महत्वपूर्ण है। पुलिस अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करें। 

अनुमंडल पदाधिकारी रिया सिंह ने कहा कि यह कार्यशाला लोगों के लिए मिल का पत्थर साबित होगा। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जीत वाहन उरांव ने पुलिस पदाधिकारियों के लिए यह कार्यशाला  अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा। कार्यक्रम को अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जगदीश लाल सलूजा एवं सचिव मनीष कुमार सिंह ने भी संबोधित किया। 

वहीं  रोड सेफ्टी मैनेजर हिमांशु कुमार ने हिट एंड रन सहित मोटर दुर्घटना एवं रोड सेफ्टी से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हिट एंड रन के तहत पीड़ित व्यक्ति अथवा उनके आश्रितों को 200000 रुपये मुआवजा एवं दुर्घटना से शिकार व्यक्तियों की मदद करने वाले को केंद्र और राज्य सरकार द्वारा प्रोत्साहन राशि दी जाने के प्रावधान हैं। 

इस कार्यशाला में झारखंड उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद कुमार लाल ने मोटर दुर्घटना मुआवजा अधिनियम से संबंधित कई महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों पर प्रकाश डाला। धन्यवाद ज्ञापन जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अभिषेक प्रसाद ने किया। जबकि कार्यक्रम का संचालन न्याय कमी रंजीत कुमार सिंह ने किया।

मौके पर  सीजेएम प्रताप चंद्रा, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अभिषेक प्रसाद, एसीजीएम मनोरंजन कुमार, अवर न्यायाधीश तृतीय गौतम कुमार, एसडीएम कंचन टोप्पो, जेएम प्रथम श्रेणी प्रशांत कुमार वर्मा, शिवांगी प्रिया, एलईडीसीएस के अधिवक्ता किरण कुमारी, राजेंद्र मंडल, अरुण ओझा, न्यायालय कमी संतोष कुमार सिंह, पीएलवी पांडेय, शेखर प्रसाद, सुब्रत कुमार मुखर्जी सहित कई लोग उपस्थित थे।

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