एबीएन न्यूज नेटवर्क, सरायकेला, जमशेदपुर। तबरेज अंसारी की मौत के मामले पर एडीजे वन अमित शेखर की अदालत ने आइपीसी की धारा 304 के तहत दोषी पाये गये 10 आरोपियों को 10-10 साल की सजा और 15-15 हजार जुर्माने की सजा सुनायी। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में 1 महीने अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
इस मामले में इससे पूर्व दो आरोपी सत्यनारायण नायक और सुमंत महतो को पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में मामले से रिहा किया गया है। सरायकेला में चोरी के आरोप में ग्रमीणों की भीड़ ने तबरेज अंसारी की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। मामले में कुल 36 लोगों ने गवाही दी थी। तबरेज अंसारी की पत्नी शाहिस्ता परवीन की शिकायत पर मामला दर्ज कराया गया था और फिर कार्रवाई हुई।
पत्नी इस सजा से नाखुश
फैसला आने के बाद पत्नी शाहिस्ता परवीन ने मीडिया से बातचीत के क्रम में कोर्ट के फैसले से खुद को असंतुष्ट बताया। उन्होंने कहा कि कोर्ट का फैसला इन्हें मंजूर नहीं है। ऊपरी अदालत में जाकर इस फैसले को चुनौती देंगी। शाहिस्ता परवीन ने कहा कि वह चाहती हैं कि मामले के दोषियों को फांसी तक की सजा हो।
तबरेज अंसारी परिवार के वकील अलताभ अंसारी ने के अनुसार,जजमेंट में 304 पार्ट वन में 10 साल, 325 में तीन साल, 323 में 8 माह और 295 में एक साल की सजा सुनायी गयी है। चूंकि इसमें इंटेशन का एविडेंस नहीं पाया गया है, और मौत चार दिन बाद हुई है इसलिए मारने का इंटेशन साबित नहीं हुआ है।
मामले को लेकर उस समय इसे मॉब लिंचिंग के रूप में भी प्रचारित करने का प्रयास भी किया गया था। इस संबंध में मृतक तबरेज अंसारी की पत्नी शाहिस्ता परवीन की शिकायत पर मामला दर्ज कराया गया था।
जिन्हें सजा सुनायी गयी
प्रकाश मंडल उर्फ पप्पू मंडल, भीमसेन मंडल, कमल महतो, मदन नायक, अतुल महाली, महेश महाली, विक्रम मंडल, चामू नायक, प्रेमचंद महाली और सुनामो प्रधान को न्यायालय द्वारा 10 साल की सजा सुनायी गयी है।
क्या था मामला
सरायकेला थाना क्षेत्र के धातकीडीह गांव में 17 जून 2019 को एक घर में चोरी की नीयत से घुसे तबरेज अंसारी की भीड़ ने पिटाई कर दी थी। घायल अवस्था में उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया था। वहां से तबरेज अंसारी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
सरायकेला मंडल कारा में उसकी तबीयत बिगड़ी थी एवं सदर अस्पताल लाये जाने के क्रम इलाज के दौरान तबरेज अंसारी की मौत हो गयी थी। इस संबंध में मृतक की पत्नी शाइस्ता परवीन की शिकायत पर मामला दर्ज कराया गया था। पुलिस अनुसंधान के क्रम में कुल 13 लोगों को आरोपी बना कर गिरफ्तार किया गया था। जिसमें मामले के एक आरोपी कुशल महाली का निधन हो चुका है।