टेरर फंडिंग, मनी लांड्रिंग मामला
टीम एबीएन, रांची। टेरर फंडिंग मामले में गिरफ्तार पीएलएफआई के सुप्रीमो दिनेश गोप की मुश्किलें अब और बढ़ने वाली है। अभी तक एनआइए दिनेश गोप से पूछताछ कर चुकी है लेकिन अब मनी लांड्रिंग मामले में इडी भी उनसे पूछताछ करेगी। मिली जानकारी के अनुसार ईडी के अधिकारी बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा में बंद दिनेश गोप से आज पूछताछ होगी।
इडी उससे रुपयों के लेनदेन से लेकर नेताओं और पुलिसवालों के उसकी साठगांठ पर भी पूछताछ कर सकती है। इससे पहले इडी दिनेश गोप को विदेशी हथियार बेचने के नाम पर ठगी करने वाले निवेश पूछताछ की जा चुकी है। वह अभी जेल में है।
21 मई को एनआइए ने दबोचा था
दरअसल, टेरर फंडिंग के मामले में एनआईए ने पीएफआई चीफ दिनेश गोप को बीते 21 मई को गिरफ्तार किया था। दिनेश गोप नेपाल में वेष बदलकर रह रहा था। नेपाल से गिरफ्तार करने के बाद उसे दिल्ली लाया गया था। जहां से एनआईए की टीम उसे दिल्ली से रांच लेकर पहुंची थी और 22 मई को एनआईए की स्पेशल कोर्ट में पेश किया था।
गिरफ्तारी के बाद दिनेश गोप को पूछताछ के लिए पहली बार 22 मई को रिमांड पर लिया था।इस दौरान दिनेश गोप की निशानदेही पर एनआईए ने भारी मात्रा में हथियार और गोला बारूद बदामद किया था।
मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही है ईडी की टीम
टेरर फंडिंग के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रही प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने पीएलएफआई सुप्रीमो दिनेश गोप पर शिकंजा कसा है। अब ईडी की टीम होटवार जेल में बंद दिनेश गोप से पूछताछ करेगी।
इसके साथ ही दिनेश गोप से जुड़े लोगों की गिरफ्तारी के मामले में बरामद कैश और अन्य लग्जरी गाड़ियों को लेकर धुर्वा थाने की पुलिस भी पीएलएफआई चीफ से पूछताछ करेगी।
शेल कंपनियों में भी किया है निवेश
जानकारी के अनुसार, दिनेश गोप ने आतंक दिखाकर वसूले गए पैसे का निवेश शेल कंपनियों में भी किया है। इन कंपनियों का संचालन उसकी दोनों पत्नियां करती थीं। शेल कंपनियों के नाम का भी खुलासा हो चुका है. नोटबंदी के बाद दिनेश गोप का एक सहयोगी भी गिरफ्तार किया गया था। उसने स्वीकार किया था कि वह दिनेश गोप के पुराने नोट को बदलने आया था।