टीम एबीएन, रांची। माननीय उच्च न्यायालय ने बुधवार को कहा है कि झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग यह सुनिश्चित करे विश्वविद्यालयीय शिक्षकों को यूजीसी परिनियम, 2010 के प्रावधानों के अधीन एकेडमिक ग्रेड पे (एजीपी) का वास्तविक वित्तीय लाभ प्रोन्नति की तिथि से प्रदान किया जाए।
ध्यातव्य है कि 15 दिसंबर 2022 को उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने एक अधिसूचना निर्गत की थी जिसमें कहा गया था कि एजीपी का वास्तविक वित्तीय लाभ अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से दी जाए।
इस संबंध में अवमाननावद की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति अनुभा रावत चौधरी ने उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि इस संबंध में दो सप्ताह के भीतर विनिर्दिष्ट शपथपत्र जमा करे।
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नागमणि तिवारी ने पक्ष रखते हुए कहा कि रिट पेटिशन में निर्गत न्यायादेश की पृष्ठभूमि में याचिकाकर्ताओं को प्रोन्नति की तिथि से ही वास्तविक वित्तीय लाभ मिलना चाहिए। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को दिसंबर, 2022 में निर्गत अधिसूचना को इस स्तर तक संशोधित करना चाहिए।